Book Review : मक्कारखाने में आत्मा की आवाज है हलक का दारोगा, कंफ्यूज मत हो दोस्त तू तो बस…

PATNA (MR) : हलक का दारोगा। मलय जैन का पहला व्यंग्य संग्रह। कवि व लेखक राहुल देव ने इस व्यंग्य…

अंग्रेजी राज में कुशवाहा खेतिहर, बदलते बिहार में और भी प्रासंगिक

PATNA (SMR) : दूरदर्शन केंद्र, पटना के सहायक निदेशक (समाचार) अजय कुमार मूलत: सीवान के निवासी हैं। उनकी हाल ही…

प्रगतिवादी युग निर्माण की जीवंत दस्तावेज है पंचकन्या; नयी सोच, नये समाज के पक्षधर जरूर पढ़ें

DELHI (APP) : अनुश्री ‘श्री’। परिचय की मोहताज नहीं। लेखिका। कवयित्री। कहानीकार। पुरस्कृत। बेवाक लिखने वाली स्वछंद विचारों की सशक्त…

पुस्तक समीक्षा : सिनेमाई और कठोर सामाजिक यथार्थ का मिश्रण है दो गुलफामों की तीसरी कसम

DELHI / PATNA (APP) : हिंदी के प्रसिद्ध लेखक फणीश्वर नाथ रेणु ने मारे गए गुलफाम  कहानी 1956 में लिखी।…

Book Review : अब न अंगूठा छाप में 36 लघुकथाएं, सब एक से बढ़कर एक; अंतर्मन को छूता बिहार

PATNA (MR) : बिल्कुल ठेठ बिहारी बोली में लिखी गयी है लघुकथा संग्रह ‘अब न अंगूठा छाप’। पुस्तक समीक्षक रचना…

Book Review : यह मार्मिक कहानी है टीटू की, पहाड़ों पर के एक लड़के की; माँ-बहन-बाबा से बिछड़ने की

यह कहानी है टीटू की, जो पहाड़ों का लड़का है, और उसे पढ़ाई के लिए शहर (लखनऊ) ला कर छोड़…

Book Review : मुसाफिर कैफे की कहानियों में नयापन है, सभी कहानियां थोड़ा हटकर; समीक्षा का अपना अंदाज

CENTRAL DESK (SMR) : पुस्तक समीक्षा तो बहुत लोग कर रहे हैं। छोटी से बड़ी तक। कोई-कोई तो इतनी बड़ी…

Book Review : ऐतिहासिक दस्तावेजों का महत्वपूर्ण संकलन है ‘बिहार में खादी’, गांधी ने चरखे के साथ इसे भी माना था रचना का प्रतीक

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी और चरखा को भारत के गांवों की बदहाली को खुशहाली में बदलने वाला महत्वपूर्ण आर्थिक…