Book Review : अब न अंगूठा छाप में 36 लघुकथाएं, सब एक से बढ़कर एक; अंतर्मन को छूता बिहार
PATNA (MR) : बिल्कुल ठेठ बिहारी बोली में लिखी गयी है लघुकथा संग्रह ‘अब न अंगूठा छाप’। पुस्तक समीक्षक रचना…
गांव की सरकार, पंचायत की सरकार, पंचायतनामा, पंचायती राज, Gram Panchayat, Panchayati Raj, Gram Sabha
PATNA (MR) : बिल्कुल ठेठ बिहारी बोली में लिखी गयी है लघुकथा संग्रह ‘अब न अंगूठा छाप’। पुस्तक समीक्षक रचना…
यह कहानी है टीटू की, जो पहाड़ों का लड़का है, और उसे पढ़ाई के लिए शहर (लखनऊ) ला कर छोड़…
CENTRAL DESK (SMR) : पुस्तक समीक्षा तो बहुत लोग कर रहे हैं। छोटी से बड़ी तक। कोई-कोई तो इतनी बड़ी…
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी और चरखा को भारत के गांवों की बदहाली को खुशहाली में बदलने वाला महत्वपूर्ण आर्थिक…