Mukhiyajee Reporter | Rajesh Thakur
सम्राट कैबिनेट की बुधवार को बैठक हुई। इसमें बिहार को दो बड़ी सौगातें मिली हैं। कैबिनेट ने कुल 24 एजेंडों पर मुहर लगायी, जिनमें सबसे अहम फैसला दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को लेकर रहा। बेगूसराय में अब राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर एक नया विश्वविद्यालय स्थापित होगा। दिनकर जी की साहित्यिक विरासत और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। स्थानीय लोगों में इस घोषणा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बड़ा मंच मिलेगा।

वहीं दूसरी ओर, राजधानी पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। यह विश्वविद्यालय खासतौर पर महिलाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से बनाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश की बेटियों को अपने घर के नजदीक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे महिला साक्षरता दर में भी सुधार की उम्मीद जतायी जा रही है। महिला विश्वविद्यालय बनाए जाने की बात मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी लगातार कह रहे थे। इन दोनों विश्वविद्यालयों के अलावा कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिये गए हैं।
कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को मंजूरी दी गयी, जिसके तहत बैंक ऋण के ब्याज पर 100% सब्सिडी दी जाएगी। इससे पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े किसानों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। इसके साथ ही नवादा जिले के वारिसलीगंज में एक नई चीनी मिल की स्थापना को भी मंजूरी मिली है, जिसमें 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, बुधवार की कैबिनेट बैठक बिहार के शिक्षा, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक साथ कई बड़े फैसलों वाली रही, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में प्रदेश के विकास पर देखने को मिलेगा।







