पत्र पर बवाल : हंगामा है क्यों बरपा मैथिली वालों, अंगिका-बज्जिका वाले भी तो अपने हैं…

PATNA (SMR) : इंसान की खामियां अजीब होती हैं। वह खुद से ताकतवर लोगों पर लोकतांत्रिक होने का दबाव बनाता…

वो भी क्या दिन थे : मोबाइलों के दौर के आशिक़ को क्या पता, रखते थे कैसे ख़त में कलेजा निकाल कर

चिट्ठी, खत, पाती… डाक बाबू… डाकखाना…  सच में वो भी क्या दिन थे…  ‘पहले जब तू ख़त लिखता था, कागज़…