PATNA / KOLKATA (MR) : टेक्सटाइल सेक्टर के सभी उद्योगपतियों के लिए फायदे का सौदा है – ‘मेक-इन-बिहार’। उत्पादन लागत कम रखनी है तो आइए बिहार। ‘सिर्फ बेचिए नहीं, बनाईए भी बिहार में’ । बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन (Shahnawaaz Hussain) ने ये बातें कोलकाता में पश्चिम बंगाल होजरी एसोसिएशन (WBHA) के साथ हुई एक बैठक में कही। 

कोलकाता में मंगलवार (5 अक्टूबर) को भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय में बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कोठारी, रूपा, डॉलर, अमूल जैसी देश की प्रतिष्ठित होजरी ब्रांड के मालिकों के साथ बड़ी बैठक की और बिहार की प्रस्तावित टेक्सटाइल व लेदर पॉलिसी पर विस्तृत प्रस्तुततीकरण देकर उऩ्हें बिहार में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की अपील की। बड़ी संख्या में बैठक में पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के उद्योगपति जुटे थे। 

 उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि होजरी के साथ पूरे टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बिहार और इसके आसपास एक बड़ा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध है। साथ ही ‘मेक-इन-बिहार’ के भी बहुत से फायदे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में टेक्सटाइल प्रक्षेत्र के लिए न तो कुशल श्रम शक्ति की कोई कमी है और न ही संसाधनों की। अगर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सस्ती उत्पादन लागत के साथ प्रतिस्पर्धा में बने रहना है तो बिहार में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने से बेहतर कोई और विकल्प नहीं। कोलकाता में इस अहम बैठक के लिए मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के साथ उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बृजेश मेहरोत्रा भी पहुंचे थे। बैठक में उद्योग विभाग की तरफ से पश्चिम बंगाल के नामी औद्योगिक घरानों के उद्योगपतियों के सामने बिहार की प्रस्तावित टेक्सटाइल व लेदर पॉलिसी को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुततीकरण दिया गया। 

उद्योग मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि जल्द आने वाली बिहार के टेक्सटाइल व लेदर पॉलिसी इतनी शानदार हो कि देश के बड़े ब्रांड को भी बिहार आऩे में कोई हिचक न हो। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चंडीगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में कार्यरत्त टेक्सटाइल सेक्टर के बड़े उद्योगपतियों से मिलकर उनकी राय वो ले चुके हैँ। कोलकाता में टेक्सटाइल में खासकर होजरी सेक्टर के बड़े उद्योगपतियों से मुलाकात की है और उनके सभी महत्वपूर्ण सुझावों को आत्मसात कर बेस्ट टेक्सटाईल व लेदर पॉलिसी लाने की उनकी कोशिश है।

कोलकाता के भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय में हुई बैठक में लक्स ग्रुप के चेयरमैन अशोक टोडी, कोठारी ग्रुप के चेयरमैन बी डी कोठारी, अमूल ग्रुप के चेयरमैन बी एन सेकसरायल, डॉलर ग्रुप के कृषऩ गुप्ता, कोक्स होजरी के सुदेश अग्रवाल, कॉटन केजुअल के प्रदीप अरोड़ा, पश्चिम बंगाल होजरी एसोसिएशन के ट्रेजरर प्रदीप टोडी व अऩ्य मौजूद रहे। बैठक में शेरा, रुपा समेत होजरी सेक्टर के अन्य लगभग सभी प्रतिश्ठित ब्रांड के मालिक या प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बिहार में निवेश को लेकर उत्सुक्ता जाहिर की। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हमारी कोशिश है कि उद्योग जगत के सुझाव पहले ही लेकर ऐसी पॉलिसी बनाई जाए जो बिहार में निवेश के लिए अत्यंत आकर्षक हो और देश के साथ विदेश में भी निर्यात करने वाले उद्योगपतियों के लिए बिहार में उद्योग लगाना फायदेमंद रहे।

बिहार के उद्योगमंत्री के साथ बैठक और बिहार की प्रस्तावित टेक्सटाइल व लेदर पॉलिसी के प्रस्तुततीकरण के बाद प्रतिष्ठित होजरी ब्रांड के मालिकों ने खुशी जाहिर की है। पश्चिम बंगाल होजरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अशोक टोडी ने बिहार की प्रस्तावित टेक्सटाइल व लेदर पॉलिसी को आकर्षक बताया। लेकिन बिहार के उद्योग मंत्री से अपील की कि वो केंद्र से बात कर फैक्ब्रिक्स और गार्मेंट्स की कुछ कैटेगरी में की गई जीएसटी दर की बढ़ोतरी को कम कर पहले जैसा रखऩे के लिए पहल करें। मंत्री ने कहा कि बिहार अब बदल गया है। बिहार को अब उद्योग के चश्मे से देखने की जरूरत है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस तरह राज्य में सड़क, बिजली व अन्य आधारभूत संरचना का विकास करने के साथ सुशासन का माहौल बनाया है, उद्योगपति बिहार में बेहिचक और निर्भीक होकर उद्योगों की स्थापना कर सकते हैं

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