Mukhiyajee Reporter | Patna
शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र आज, 11 अक्टूबर से शुरू हो गया। नवरात्र के पहले दिन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास में विधिवत कलश स्थापना कर माँ दुर्गा की आराधना की। उन्होंने समस्त बिहारवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि शारदीय नवरात्र के पावन प्रथम दिवस पर लोकसेवक आवास में विधिवत कलश स्थापना कर माँ दुर्गा की आराधना की गयी। पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय माँ भवानी! जय माँ दुर्गे!’ के जयकारे के साथ श्रद्धालुओं को नवरात्र की शुभकामनाएँ भी दीं।


नवरात्र के साथ ही आज से पूरे बिहार में दुर्गापूजा का उत्सव शुरू हो गया है। पहले दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण देवी का यह स्वरूप शैलपुत्री कहलाता है। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ ही माँ शैलपुत्री की आराधना का विधान है। भक्त इस दिन व्रत रखकर देवी से सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। उधर, सुबह से ही राज्य के विभिन्न मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। घरों में भी लोग शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर नौ दिनों तक चलने वाले अनुष्ठान का संकल्प ले रहे हैं। मंदिरों में सुबह से भजन-कीर्तन और दुर्गा सप्तशती के पाठ की गूंज सुनाई दे रही है।



दरअसल, बिहार में दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का भी बड़ा पर्व माना जाता है। इसे लेकर जगह-जगह पूजा पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं भव्य प्रतिमाओं की स्थापना के साथ पर्व का उल्लास चरम पर पहुंचेगा। मुख्यमंत्री द्वारा लोकसेवक आवास में कलश स्थापना किए जाने को राज्य में पर्व की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। उनके संदेश में सभी बिहारवासियों के कल्याण की कामना को प्रमुखता से रखा गया है। नवरात्र के नौ दिनों में माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिसकी शुरुआत आज माँ शैलपुत्री की आराधना से हुई है।







