PATNA (MR) : बिहार में आज बुधवार से अनलॉक-2 लागू हो गया. कल अनलॉक-1 खत्म हुआ. लेकिन इसी बीच आम जनता की तरह बिहार में जानवर भी अनलॉक होने लगे हैं. जंगल से गांव की ओर टहलने के लिए निकलने लगे हैं. ताजा मामला मोतिहारी का है. मोतिहारी के पकड़ीदयाल नगर पंचायत में उस समय अफरातफरी मच गई, जब गांव में लोगों ने बाघ को टहलते हुए देखा. बाघ को देखकर लोग सहम गए. अब तक बाघ नहीं पकड़े जाने से वे दहशत में हैं. बताया जा रहा है कि बाघ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

दरअसल, पकड़ीदयाल के वार्ड नंबर 10 में कुछ लोग अपने खेतों में सब्जी तोड़ रहे थे, तभी उनलोगों की नजर बाघ पर पड़ी. वे लोग बाघ को देखते ही डर के मारे भागे. इसकी जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जुट गई. इतने में वह बाघ दोबारा दिखा. इसके बाद तो बाघ आगे-आगे और पब्लिक पीछे-पीछे. लोग शोर मचाते हुए बाघ के पीछे दौड़े. इससे बाघ भी चिघाड़ते हुए इधर-उधर दौड़ने लगा. फिर गांव के निकट मक्का के खेत में छिप गया.

लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन व वन विभाग को दी. बाघ को पकड़ने के लिए वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू टीम सहित मुजफ्फरपुर व पटना वन विभाग की टीम पहुंच गई है. लेकिन बाघ को अब तक नहीं पकड़ा जा सका है. यहां तक कि बाघ को बेहोश करने के लिए ट्रैक्यूलाइजर गन से इंजेक्शन से अटैक भी किया गया, किंतु निशाना फेल कर गया. बेतिया से केज वाले वाहन को भी मंगाया गया है. जब तक बाघ पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक लोगों की सांसें अटकी ही रहेंगी.

बता दें कि पिछले साल भी अनलॉक के समय वीटीआर से एक बाघिन बाहर निकल आयी थी. उसे भी पकड़ा नहीं जा सका था. लगभग एक सप्ताह बाद जब बाघिन खुद ही भूख के कारण कमजोर हो गई, तो एक जगह निढाल होकर अचेत हो गई. बाद में वन विभाग के लोगों ने उसे पकड़ा. बाद में पटना जू लाया गया. उसका इलाज भी किया गया, लेकिन वह इतनी अधिक कमजोर हो गई थी कि पटना लाने के 24 घंटे के अंदर में उसने दम तोड़ दिया. बहरहाल, पिछले सप्ताह छपरा के निकट तीन हाथी भी गांव की ओर आ गए थे. बाद में किसी तरह उन्हें महावत ने पकड़ा. खास बात कि इसी साल नवादा में हाथी पगलाकर गांव की ओर से आ गया था. उसे भी काफी मशक्कत से भगाया गया.

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