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यह अक्षरा गुप्ता है, बिहार के रक्सौल की रहने वाली। इसी साल इसने अपने 15 साल पूरे किये हैं। 18 जून को भागलपुर में शुरू हुए जोनल क्रिकेट टूर्नामेंट में इस लड़की ने महज 126 गेंदों में तिहरा शतक ठोक दिया। अपनी 306 रनों की पारी में अक्षरा ने 55 चौके और आठ छक्के लगाये। इस तरह वह महिलाओं के घरेलू क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी स्कोरर बन गयी है, इससे अधिक सिर्फ मुंबई की ईरा गुप्ता ने 346 रन बनाये हैं। अक्षरा ने इस टूर्नामेंट के तीसरे ही मैच में फिर से 64 गेंदों में 168 रन बनाया. वह जोन ए की कैप्टन है।
2024 से बिहार क्रिकेट की अडंर 19 टीम में खेलने वाली अक्षरा के नाम एक और शानदार रिकार्ड है। पिछले साल उन्होंने एक ही सीजन में अंडर 16, अंडर 19, अंडर 23 और सीनियर टीम चारों की तरफ से मैच खेला। अंडर 19 की तो वह कैप्टन भी रही। 2024 में ही उसे बिहार की अंडर 19 क्रिकेट टीम का कैप्टन बना दिया गया था, सिर्फ 14 साल की उम्र में। बायें हाथ की बल्लेबाज अक्षरा अपने खूबसूरत कवर ड्राइव के लिए जानी जाती है, वह स्पिनरों को अच्छा खेलती है. वह तेज गति से रन बनाती है और साथ ही जरूरत पड़ी तो एंकर रोल भी निभाती रही है। वह स्पिन और मीडियम पेस गेंदबाजी भी करती है।
वह एक सामान्य व्यापारी परिवार की लड़की है। उसके पिता रक्सौल में चिकेन की दुकान चलाते हैं। उनके चाचा रामकृपा गुप्ता क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। उनका कैरियर आगे नहीं जा पाया, मगर उन्हें लगा कि उन्हें अपनी भतीजी को क्रिकेट सिखाना चाहिए, जो बचपन से ही क्रिकेट देखने में दिलचस्पी दिखाती थी। वे बताते हैं कि उन्होंने छह साल की उम्र से ही अक्षरा को क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया। घर पर ही उन्होंने कंकरीट की पिच बनाई, जहां अक्षरा को प्रैक्टिस कराने लगे। अभी भी रामकृपा ही उसकी कोचिंग करते हैं। वह अपने बेहतरीन प्रदर्शन से भारतीय महिला टीम का दरवाजा खटखटा रही है। (यह आलेख वरीय पत्रकार पुष्यमित्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लिया गया है। इसमें उनके निजी विचार हैं।)
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