Mukhiyajee Reporter | Rajesh Thakur
बिहार के सीमावर्ती शहर रक्सौल की बेटी अक्षरा गुप्ता ने महिला क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महज 15 वर्ष की उम्र में अक्षरा ने बिहार महिला अंडर-19 एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट में नाबाद तिहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। भागलपुर में 18 जून को आयोजित बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के महिला अंडर-19 वनडे मुकाबले में अक्षरा ने विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 126 गेंदों पर नाबाद 306 रन बना डाले। उनकी इस अविश्वसनीय पारी में 55 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। 242.86 के स्ट्राइक रेट से खेली गयी इस पारी ने मैदान पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ क्रिकेट विशेषज्ञों को भी हैरत में डाल दिया।

क्रिकेट में तिहरा शतक अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जाता है, लेकिन इतनी कम उम्र में और इतने आक्रामक अंदाज में खेली गयी यह पारी अक्षरा को अलग पहचान देती है। बिहार महिला क्रिकेट के इतिहास में इसे सबसे यादगार पारियों में से एक माना जा रहा है। अक्षरा की सफलता अचानक नहीं आयी है। सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट की शुरुआत करने वाली इस खिलाड़ी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। बिहार की विभिन्न आयु वर्ग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के कारण वह पहले ही चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान आकर्षित कर चुकी थीं। अब तिहरे शतक की इस पारी ने उन्हें राज्य की सबसे चर्चित युवा महिला क्रिकेटरों में शामिल कर दिया है।
रक्सौल जैसे सीमावर्ती शहर से निकलकर राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाली अक्षरा आज हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गयी हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वह आने वाले वर्षों में बिहार ही नहीं, देश का भी प्रतिनिधित्व कर सकती हैं। उसकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद खासकर रक्सौल समेत पूरे पूर्वी चंपारण में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमी, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग उन्हें बिहार महिला क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा बता रहे हैं।
बहरहाल, कहते हैं प्रतिभा को मंच चाहिए, और अक्षरा गुप्ता ने अपने बल्ले से ऐसा मंच तैयार कर लिया है, जिस पर अब पूरा बिहार उनकी ओर देख रहा है। फिर क्रिकेट में यह भी कहा जाता है कि रिकॉर्ड बनते हैं और टूट जाते हैं, लेकिन कुछ पारियां इतिहास में दर्ज हो जाती हैं। अक्षरा गुप्ता का यह नाबाद तिहरा शतक भी ऐसी ही पारी है, जिसने बिहार की महिला क्रिकेट को एक नया चेहरा और नयी पहचान देने का काम किया है। बता दें कि अक्षरा के पिता राजकिशोर शाह रक्सौल में एक छोटी दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां रीना गुप्ता गृहिणी हैं। साधारण परिवार से आने वाली यह बेटी आज बिहार क्रिकेट के लिए असाधारण उम्मीद बन चुकी है।







