पटना। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बिहार में पंचायत-पंचायत साबुन व मास्क बांटे जाएंगे। सीएम नीतीश कुमार ने पंचायती राज विभाग को इस संबंध में अहम जिम्मेवारी दी है। वार्ड सदस्य गांव से लेकर पंचायत में इसका वितरण करेंगे। मास्क और साबुन की संख्या भी तय कर दी है। सीएम से मिले आदेश के बाद पंचायती राज विभाग ने बिहार के सभी डीएम व संबंधित अधिकारियों को इस आशय का पत्र जारी कर दिया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई समीक्षा बैठक में सीएम नीतीश ने कहा कि सभी गांवों में कोरोना संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से साबुन व चार मास्क का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही बाहर से आ रहे लोगों को कोरोना से बचाव व इससे संबंधित अन्य जानकारी भी दें। सीएम ने कहा कि केवल रैंडम जांच से काम नहीं चलेगा। जिलों में इसकी अधिक से अधिक जांच की व्यवस्था की जाए। टेस्टिंग बढ़ाए जाने से ही कोरोना चेन को हमलोग तोड़ सकते हैं।

एक मास्क 20 रुपये से अधिक मूल्य का नहीं होगा। खास बात कि मास्क की खरीद जीविका समूहों या खादी भंडारों से करनी होगी।

वहीं, सीएम नीतीश के आदेश के बाद पंचायती रात विभाग ने पत्र जारी कर इससे संबधित दिशा निर्देश जिलों के डीएम व संबंधित अधिकारियों को दिया। वार्ड सदस्यों के माध्यम से गांवों में लोगों को जागरूक करन के साथ उन्हें साबुन व मास्क देने की बात भी कही गयी। पंचायती राज विभाग ने कहा कि हर परिवार को 20 रुपये का साबुन और 80 रुपये का चार मास्क उपलब्ध कराया जाएगा। एक मास्क 20 रुपये से अधिक मूल्य का नहीं होगा। खास बात कि मास्क की खरीद जीविका समूहों या खादी भंडारों से करनी होगी। यदि जीविका समूह या खादी भंडारों में मास्क कम पड़ जाए तो लोकल स्तर पर कपड़ा खरीद कर मास्क तैयार कराया जाए।

विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि मास्क व साबुन की राशि पंचम राज्य विभाग आयोग के मद से आवंटित की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि रजिस्टर पर हर घर को साबुन व मास्क मुहैया कराने संबंधित रिकॉर्ड भी रखना होगा। साबुन-मास्क के वितरण की जानकारी लोगों को माइक से दी जाएगी।

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