पटना। गांवों में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों की नयी प्रॉब्लम सामने आ रही है। इसकी वजह से 19 लाख परिवारों का अनाज अटक गया है। पॉश मशीन से लेकर आधार कार्ड की लिंक को लेकर यह प्रॉब्‍लम हुई है। बताया जाता है कि कहीं पर सर्वर की समस्या के चलते पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन काम नहीं कर रही है, तो कहीं पर पॉस मशीन उपभोक्ता (राशन कार्डधारक) की फिंगर रीड नहीं कर रही है। इसी तरह आधार लिंक की समस्या भी हो रही है। बताया जाता है कि इसके चलते बिहार में अप्रैल का अनाज 19 लाख 13 हजार परिवारों को नहीं मिल पाया है। टेक्निकल प्रॉब्‍लम की वजह से प्रदेश के हर जिले के अफसर परेशान हैं और इसके बारे में मुख्यालय को संदेश भेजा है।

दरअसल, जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए शहर और गांवों के इलाकों में जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को पॉस मशीनें दी गई हैं, किंतु अधिसंख्‍य दुकानदारों को मशीन चलाने की ट्रेनिंग नहीं दी गई है। दुकानदारों के अनट्रेंड होने के कारण उन्‍हें काम करने में प्रॉब्‍लम हो रही है। बताया जाता है कि कभी सर्वर डाउन होने के कारण तो कभी फिंगर इंप्रेशन रीड न होने से दुकानदार कार्ड धारकों को राशन देने से सीधे मना कर रहे हैं। इससे आम उपभोक्ताओं को खासी परेशानी हो रही है।

ऐसे में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के अनुमंडल अधिकारियों से लेकर पीडीएस दुकानदारों को नये सिरे से आदेश दिया है। विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि यदि पॉस मशीन काम नहीं कर रही है अथवा मशीन फिंगर काे रीड नहीं कर पा रहा है तो भी उन्‍हें अनाज वितरण से मना नहीं करना है। वे हर हाल में राशनकार्ड धारकों को राशन देंगे। अनाज वितरण में किसी प्रकार की प्रॉब्‍लम नहीं हो, इसके लिए दुकानों में पदाधिकारी या कर्मचारी अथवा आंगनवाड़ी सेविका को तैनात करने का आदेश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि पॉस मशीन के काम नहीं करने की दशा में मैनुअल प्रणाली से राशन का वितरण किया जाएगा। आधार कार्ड देकर भी राशन देने का प्रावधान बनाया गया है। इन सबके चक्‍कर में 19 लाख परिवारों का अनाज अटक गया है।

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