PATNA (APP) : बिहार में 2021 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान पूजा कुमारी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। कहा गया था कि वह अमेरिका से चुनाव लड़ने नवादा आयी है। चुनाव जीतने के बाद वह अमेरिका वाली मुखिया के नाम से सुर्खियों में आ गयी थी। यहां तक कि उन्हें NRI मुखिया भी लोग कहने लगे थे, जबकि जानने वाले लोग इससे इंकार करते थे। रोह प्रखंड के सिउर पंचायत की वही मुखिया पूजा कुमारी को फर्जी जाति प्रमाण पत्र देने के आरोप में कुर्सी से निर्वाचन आयोग ने हटा दिया। आरोप साबित होने के बाद आयोग ने कड़ी कार्रवाई की है। कानूनी कार्रवाई भी होगी।

दरअसल, पूजा कुमारी कोईरी और दांगी जाति के बीच फंस कर अपनी कुर्सी गंवा दी। कहा जाता है कि उन्होंने मुखिया चुनाव के दौरान साल 2021 में खुद को दांगी जाति का बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़ा था। जीत भी गयी। दिसंबर 2021 में चुनाव परिणाम आने के बाद प्रतिद्वंदी आरती देवी ने निर्वाचित मुखिया पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र देने का आरोप लगाया। इसके बाद तो नवादा से पटना तक प्रशासनिक महकमे में बवाल मच गया।

दूसरी ओर आरती देवी ने राज्य निर्वाचन आयोग में वाद 97/2021 दायर कर दिया। इसके आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा। फिर पुलिस महा-निरीक्षक कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग ने जांच की। इसमें फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप सही पाया गया। जांच में यह साबित हो गया कि पूजा कुमारी दांगी जाति की नहीं बल्कि कोईरी जाति से आती है। और कोईरी जाति अनेक्सर 2 में आती है, जबकि दांगी अनेक्सर 1 में है। सिउर का मुखिया पद पिछड़ी जाति के लिए रिजर्व है। इसके बाद मुखिया को आयोग ने पद से हटा दिया।

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