Flood News : बाढ़ में कमर भर पानी में उतरे मिथिलेश राय, लोग कह रहे- लगता है वे कैतुकानंदन के नहीं, बल्कि पूरे सारण के मुखिया हैं

Mukhiyajee Reporter | Patna

सारण जिले में बाढ़ का कहर जारी है। नदियां उफान पर हैं। मकेर व परसा प्रखंड की स्थिति सबसे भयावह बनी हुई है। गांव के गांव पानी से घिरे हैं, घर डूबे हैं और लोग राहत की आस में हैं। ऐसे कठिन समय में एक नाम लोगों की जुबान पर है, बिहार मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष और मकेर प्रखंड की कैतुका नंदन पंचायत के मुखिया मिथिलेश राय। उन्होंने खुद को केवल अपनी पंचायत तक सीमित नहीं रखा। वे मकेर के साथ-साथ परसा प्रखंड के बाढ़ पीड़ितों के बीच भी पहुंच रहे हैं। वे लोगों से मिलते हैं, उनका दर्द सुनते हैं और उनकी पीड़ा को अपनी पीड़ा की तरह समझते हैं। सरकारी संसाधनों से मिलने वाली मदद के साथ-साथ वे निजी स्तर पर भी राहत सामग्री जुटा रहे हैं और उसे जरूरतमंदों तक पहुंचवा रहे हैं।

इन दिनों सोशल मीडिया पर उनकी कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। किसी तस्वीर में वे कमर भर पानी में उतरकर फंसे लोगों की मदद करते दिख रहे हैं, तो कहीं मृतकों के शवों को संस्कार के लिए उचित स्थान तक भिजवाने में जुटे हैं। राहत सामग्री बांटने में वे खुद हाथ बंटाते नजर आते हैं। इन तस्वीरों में न कोई दिखावा है, न कोई औपचारिकता, बस एक जनप्रतिनिधि का अपने लोगों के प्रति समर्पण दिखता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिथिलेश राय का जज्बा देखकर यह एहसास ही नहीं होता कि वे केवल एक पंचायत के मुखिया हैं। उनके काम को देखकर लगता है, मानो वे पूरे सारण के मुखिया हों। संकट की इस घड़ी में उन्होंने दिखा दिया कि पद छोटा या बड़ा नहीं होता, सेवा का भाव ही किसी को बड़ा बनाता है।

बहरहाल, मिथिलेश राय का यह प्रयास सभी दलों के नेताओं के लिए एक सबक है कि जनता के दुख में सबसे पहले उसके बीच खड़ा होना ही सच्चा नेतृत्व है। साथ ही यह आम युवाओं के लिए भी प्रेरणा है कि आपदा के समय दर्शक बनकर नहीं, मददगार बनकर आगे आएं। बाढ़ की इस त्रासदी में सारण के हजारों परिवारों को अब भी मदद की जरूरत है। दूसरे जिलों के लोग, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि अगर आगे आएं, तो राहत का यह हाथ और मजबूत हो सकता है। किसी का एक पैकेट भोजन, एक जोड़ी कपड़ा या थोड़ी-सी आर्थिक सहायता किसी बाढ़ पीड़ित परिवार के लिए जिंदगी का सहारा बन सकती है।