Mukhiyajee Reporter | Patna
बिहार विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में इस बार मतदाताओं ने किसी भी मौजूदा विधान पार्षद पर भरोसा नहीं जताया। चारों शिक्षक सीटों पर सिटिंग एमएलसी चुनाव हार गए। नतीजों से साफ है कि शिक्षक मतदाताओं ने पुराने चेहरों को बदलने का मन बना लिया था। इस चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस और वामदलों को हुआ है, जबकि भाजपा और जनसुराज ने अपनी हारी हुई सीटों की भरपाई दूसरी सीटों से कर ली। इस रिजल्ट का लब्बोलुआब यह है कि भाजपा और जनसुराज ने अपनी-अपनी सीटों का हिसाब बराबर कर लिया, पर कांग्रेस और लेफ्ट को सीधा घाटा उठाना पड़ा। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण महागठबंधन में फूट को माना जा रहा है। तभी तो कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन मोहन चौधरी और सीपीआई के दिग्गज नेता संजय सिंह चुनाव हार गए। वहीं, सारण में भाजपा के बागी राहुल राज की जीत ने एनडीए के भीतर की खींचतान को भी उजागर किया है।

मिल रही जानकारी के अनुसार, पटना शिक्षक सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां से भाजपा के डॉ नवल किशोर यादव को कई टर्म के बाद हार का मुंह देखना पड़ा। राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने करीब 1,057 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर पार्टी को संजीवनी देने का काम किया है। इसी तरह, तिरहुत शिक्षक सीट पर भाकपा के सिटिंग एमएलसी संजय कुमार सिंह हार गए और उन्हें भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह लगभग 600 मतों से पराजित किया। दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस के मदन मोहन झा को हार मिली और जनसुराज के सुरेश प्रसाद राय ने जीत हासिल कर पार्टी का खाता खोला। सारण शिक्षक सीट पर जनसुराज के आफाक अहमद चुनाव हार गए। यहां भाजपा से बगावत कर निर्दलीय उतरे डॉ. राहुल राज ने 800 से अधिक मतों के अंतर से बाजी मार ली।

सियासी पंडितों की मानें तो नतीजों का सार यह है कि भाजपा और जनसुराज ने अपनी-अपनी सीटों का हिसाब बराबर कर लिया। भाजपा ने पटना के बदले तिरहुत और जनसुराज ने सारण के बदले दरभंगा से भरपाई की। लेकिन, कांग्रेस और लेफ्ट को सीधा खामियाजा भुगतना पड़ा। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण महागठबंधन में फूट को माना जा रहा है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने इन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए, जिनमें कई सीटों पर राजद से सीधा मुकाबला था। इससे विपक्षी वोट बंट गए और इसका फायदा दूसरे दलों व निर्दलीय को मिला। सारण में भाजपा के बागी की जीत ने एनडीए के भीतर की खींचतान को भी उजागर किया है। इन नतीजों के बाद दोनों गठबंधनों में आत्ममंथन का दौर शुरू होने की संभावना है।










