रिशु श्री केस में ED ने कसा शिकंजा: बिहार के इन 6 IAS अधिकारियों को समन, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद शुरू हुआ एक्शन

Mukhiyajee Reporter | Patna

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिशु श्री मामले में बिहार के 6 IAS अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। जिन अधिकारियों को समन जारी किया गया है, उनमें आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनील यादव से आज मंगलवार को ED कार्यालय में पूछताछ की गयी। वहीं अभिलाषा कुमारी शर्मा से ED की टीम एक दिन पहले ही पूछताछ कर चुकी है। योगेश कुमार सागर ने पूछताछ के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा है। आनंद किशोर समेत चार अन्य अधिकारियों से 30 अक्टूबर तक पूछताछ की जाएगी।

दरअसल, पिछले दिनों रिशु श्री की जमानत याचिका विजिलेंस कोर्ट से खारिज हो गयी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि रिशु श्री एक छोटा मोहरा है और सवाल उठाया था कि बड़े अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गयी है। हाईकोर्ट की इसी टिप्पणी के बाद 6 IAS अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे और ED ने समन जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया। बता दें कि रिशु श्री मूल रूप से बिहार के सारण जिले का निवासी है। वह सीनियर IAS अधिकारी संजीव हंस और अन्य IAS अधिकारियों के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ SVU ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।

ED की रिपोर्ट के मुताबिक, रिशु ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को फायदा पहुंचाया। इसके बदले उसे सरकारी टेंडरों से जुड़ी अहम जानकारी पहले ही मिल जाती थी। आरोप है कि रिशु अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर टेंडर में फेरबदल करा लेता था और मनचाहे ठेकेदार को टेंडर दिलाता था। इसके बदले वह कमीशन लेता था और कमीशन का हिस्सा संबंधित अधिकारी तक भी पहुंचता था। बहरहाल, अब सबकी नजरें ED की पूछताछ पर टिकी हैं। देखना होगा कि पूछताछ में इन अधिकारियों से क्या जानकारी सामने आती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। जांच एजेंसी इन अधिकारियों के बयानों का मिलान पहले से जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य आरोपियों के बयानों से कर सकती है। यह भी माना जा रहा है कि पूछताछ के नतीजों के आधार पर आगे और अधिकारियों को भी तलब किया जा सकता है।