कल्याणपुर वाली माँ – 4: बिहार में पहली बार कल्याणपुर दुर्गा पंडाल में हुआ एआई कैमरे का इस्तेमाल, कंट्रोल रूम से एक-एक व्यक्ति पर थी नजर

Mukhiyajee Reporter | Patna

कल्याणपुर में बने इतने कीमती पंडाल में विराजमान माँ दुर्गा के दर्शन के लिए इस बार एक से बढ़कर एक वीआईपी गांव में पहुंचे। मंत्री-संतरी से लेकर बड़ी संख्या में ब्यूरोक्रेट्स भी माँ के दरबार में हाजिरी लगाने आए। आम श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच खास मेहमानों की यह आवाजाही पूरे आयोजन के दौरान बनी रही। पंडाल की सजावट भी देखने लायक रही। रंग-बिरंगी बत्तियों की झालर से पूरा परिसर ही नहीं, मेला क्षेत्र के बाहर भी काफी दूर तक जगमगाता रहा। कह सकते हैं कि 5 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र झालरों की रोशनी में सराबोर रहा। इसी तरह, लेजर लाइट्स के इस्तेमाल ने रात के समय पंडाल को अलग ही रूप दे दिया। रोशनी और आस्था के इस संगम को देखने के लिए लोग रात-रात भर डटे रहे।

सप्तमी पूजा को 2 बजे रात का नजारा, अपने समर्थकों संग डॉ नीतीश चंद्र दुबे और फीचर फोटो में मुंगेर के डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर एवं एसपी सैयद इमरान मसूद के साथ।

इतनी बड़ी भीड़ और इतने बड़े दायरे में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है, और इस मोर्चे पर भी आयोजन की तैयारी अलग स्तर की रही। पूरे परिसर में 120 सीसीटीवी कैमरे और 50 टीवी सेट लगाए गए थे। इनके जरिए कंट्रोल रूम से एक-एक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही थी। यानी भीड़ में कहीं भी कुछ असामान्य होता, तो उसे तुरंत पकड़ा जा सकता था। डॉ नीतीश चंद्र दुबे के अनुसार बिहार में पहली बार एआई कैमरों का इस्तेमाल किया गया। कुल 10 एआई कैमरे लगाए गए, जिनकी जूमिंग क्षमता 90 मीटर तक थी। इसका मतलब यह कि दूर खड़े व्यक्ति की गतिविधि भी कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर साफ देखी जा सकती थी। परंपरागत पूजा आयोजन में तकनीक का ऐसा इस्तेमाल अपने आप में नया प्रयोग माना जा रहा है। तकनीक के साथ मानव बल भी भरपूर था। प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न एजेंसियों के 300 बाउंसर तैनात किए गए थे। भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी अव्यवस्था से निपटने के लिए यह इंतजाम कारगर माना गया।

एक और खास बात यह रही कि पंडाल के दायरे में कोई सिगरेट भी नहीं पी सकता था। धार्मिक आयोजन की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर यह सख्त नियम लागू किया गया। इतने बड़े क्षेत्र में ऐसा नियम लागू करना आसान नहीं होता, लेकिन आयोजकों की सख्ती और निगरानी तंत्र के कारण इसका पालन हुआ। कुल मिलाकर भव्यता के साथ अनुशासन और सुरक्षा का यह मेल कल्याणपुर के आयोजन की अलग पहचान बनकर उभरा है। इसके लिए Burnett Homeopathy के डायरेक्टर डॉ नीतीश चंद्र दुबे प्रशासनिक पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करना नहीं भूलते हैं। खासकर मुंगेर के डीएम और एसपी के प्रति। तभी तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा भी है- ‘आज पूरे मुंगेर से लेकर कल्याणपुर तक भव्य दुर्गा पूजा आयोजन की सफलता की गूँज पुरे देश मे सुनाई दे रही है। इस ऐतिहासिक आयोजन के पीछे दो ऐसे कर्मयोगियों का अथक परिश्रम और कुशल नेतृत्व रहा, जिनका योगदान शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। आदरणीय जिलाधिकारी श्री निखिल धनराज निप्पणीकर जी एवं पुलिस अधीक्षक श्री सैयद इमरान मसूद जी। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए आप दोनों की दिन-रात की मेहनत, सजगता और समर्पण ने हर चुनौती को सफलता में बदल दिया। मंच पर भले ही कलाकारों की चमक रही हो, लेकिन पर्दे के पीछे इस ऐतिहासिक सफलता की मजबूत नींव आप दोनों ने रखी। पूरे मुंगेर जिले एवं कल्याणपुर की जनता की ओर से आप दोनों को हृदय की गहराइयों से नमन एवं अनंत आभार। आपका यह योगदान कल्याणपुर हमेशा याद रखेगा। असली नायकों को नमन।’