Mukhiyajee Reporter | Patna
संसद में आज सोमवार को अचानक से पत्रकारों के सामने जदयू के दो बड़े नेता आ गए। पहले केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और दूसरे राज्यसभा सांसद सह जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा। ये सबसे मुफीद मौका था मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह पर हुई कार्रवाई को लेकर दोनों नेताओं से सवाल पूछने का। लेकिन सवाल के जवाब में जो मिला वो कुछ अलग ही था। पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से पूछा कि आपलोग दोनों वरिष्ठ नेता हैं जदयू के। आपलोगों ने एक्शन लिया है बिहार में अनुशासन (अनंत सिंह) को लेकर तो उसमें क्या सदस्यता को भी लेकर है? इस पर ललन सिंह आगे बढ़ कर अपनी गाड़ी की तरफ गए और वहां जाकर कहा- ‘संजय झा जी से बात करिए।’ इसके बाद वो गाड़ी में बैठने गए और बैठने से पहले उन्होंने संजय झा की ओर देख कर मुस्कुरा कर कहा- ‘क्या’ मतलब क्या ठीक कहे ना?

अब जब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पत्रकारों के सामने साफ कर दिया कि अनंत सिंह पर कार्रवाई को लेकर जो कहना है, वो संजय झा ही कहेंगे, तो माइक और कैमरे का रुख उनकी तरफ मुड़ गया. पत्रकारों ने संजय झा से पूछा कि इस पर क्लारिटी चाहिए तो संजय झा ने कोई प्रतिक्रिया देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद वो मना करने के अंदाज में हाथ दिखाते हुए आगे बढ़ गए। कुल मिलाकर अनंत सिंह पर कार्रवाई को लेकर ललन सिंह ने गेंद संजय झा के पाले में फेंक दी और संजय झा ने फेंकी हुई बॉल पर कोई भी पॉलिटिकल शॉट लगाने से साफ मना ही कर दिया।

ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि पटना में जब वोटिंग से पहले अनंत सिंह जदयू एमएलसी उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ लगातार आग उगल रहे थे तो संजय झा से कुछ ऐसा ही सवाल पूछा गया था। तब उन्होंने गेंद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की तरफ फेंक दी थी। संजय झा ने तब कहा था कि ‘अनंत सिंह और नीरज कुमार की बात पार्टी के संज्ञान में है। हम लोगों के केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के क्षेत्र का यह विषय है। पार्टी ने उनसे बात की है और उन्हीं को जवाबदेही दी है कि वे अनंत सिंह और नीरज कुमार से बातचीत करके हल निकालें।’ ठीक उसी स्टाइल में ललन सिंह ने संजय झा की तरफ सवालों का रुख मोड़ दिया है। जाहिर है कि ललन सिंह ने साफ कर दिया कि आगे भी अनंत सिंह के मुद्दे पर जवाब संजय झा ही देंगे। वहीं दूसरा घटनाक्रम पटना में हुआ। यहां जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा हाथ में एक चिट्ठी लेकर विधानसभा पहुंचे। बताया जा रहा है कि ये चिट्ठी विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार को लिखी गयी है और इसमें अनंत सिंह की विधायिकी खत्म करने का अनुरोध किया गया है। इस दौरान उमेश कुशवाहा ने भी किसी सवाल का जवाब नहीं दिया और विधानसभा के अंदर चले गए। (वरीय पत्रकार कमलाकांत पांडेय की रिपोर्ट)









