Rajesh Thakur | Patna
मुंगेर के हवेली खड़गपुर में चल रही नव्या इंफो सॉल्यूशन कंपनी GPS मार्केटिंग में बड़ा नाम बनती जा रही है। यह कंपनी टू व्हीलर्स से लेकर फोर व्हीलर्स तक को बेहतर सुरक्षा प्रदान कर रही है। GPS तकनीक की वजह से अब तक कई वाहन मालिकों को लाभ मिला है। चोरी गये कई वाहन मिल गये हैं। नव्या इंफो सॉल्यूशन कंपनी मुंगेर के साथ-साथ बांका, भागलपुर, जमुई, खगड़िया, बेगूसराय, पूर्णिया, किशनगंज, दरभंगा के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल के भी कुछ जिलों को GPS डिवाइस की आपूर्ति और इंस्टॉलेशन कर रही है। कम लागत में उपलब्ध इस तकनीक की वजह से दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिक तेजी से अपनी गाड़ियों में GPS लगवा रहे हैं, जिससे वाहन के लोकेशन पर वे हर समय नजर रख रहे हैं।

दरअसल, इन दिनों वाहनों चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में वे अब सुरक्षा को लेकर काफी अलर्ट हो गये हैं तथा किसी अनहोनी से बचने को GPS तकनीक को अपनाने लगे हैं। ऐसे में हवेली खड़गपुर स्थित इस कंपनी ने स्थानीय स्तर पर एक छोटा लेकिन प्रभावी मार्केटिंग नेटवर्क तैयार किया है, जिसके जरिए अलग-अलग जिलों में वाहन मालिकों तक यह सुविधा पहुंचायी जा रही है।
कंपनी के प्रॉपराइटर सोनू ठाकुर बताते हैं कि उनका उद्देश्य महंगे सिस्टम के बजाय कम लागत में ज्यादा से ज्यादा वाहन मालिकों तक GPS सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हर वाहन मालिक अपनी गाड़ी के लोकेशन कभी भी मोबाइल से देख सके। कम कीमत में GPS उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि आम लोग भी इसे आसानी से लगवा सकें। इसमें ऑडियो से लेकर वीडियो तक की सुविधा है, जो अलग-अलग रेंज में उपलब्ध है।
सोनू ठाकुर के अनुसार, मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित कार्यालय से ही पूरे इलाके में डिवाइस की आपूर्ति और तकनीकी सहायता दी जाती है। यहां से डीलर और तकनीशियन के माध्यम से बिहार समेत पड़ोसी राज्यों के भी कई जिलों तक यह नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए कई लोग अब अपनी बाइक और कार में GPS लगवा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जिन गाड़ियों में GPS लगा था, उनमें से कई चोरी होने के बाद भी ट्रैकिंग के जरिए बरामद हो चुकी हैं। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा है। स्थानीय स्तर पर GPS इंस्टॉलेशन की सुविधा मिलने से वाहन मालिकों को अब बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। संस्था का दावा है कि इंस्टॉलेशन के साथ-साथ तकनीकी सहायता और मोबाइल ऐप के जरिए लोकेशन ट्रैकिंग की पूरी सुविधा दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि GPS विस्तार के साथ कंपनी आने वाले समय में और जिलों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने की योजना बना रही है, ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के वाहन मालिक भी आधुनिक सुरक्षा तकनीक का लाभ उठा सकें।
बहरहाल, सोनू ठाकुर ने यह भी बताया कि वाहनों में GPS लगाने के कई प्रमुख फायदे हैं। पहला फायदा है रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग। इसके तहत मोबाइल ऐप या सिस्टम के जरिए गाड़ी की लोकेशन कभी भी देखी जा सकती है। दूसरा फायदा वाहन के चोरी होने पर तुरंत ट्रैकिंग। इसके तहत GPS की मदद से चोरी हुए वाहन को ढूंढने में पुलिस और मालिक को आसानी होती है। इसी तरह, यह डिवाइस परिवार और व्यवसाय के लिए भी उपयोगी है। इसके तहत, ट्रांसपोर्ट या व्यवसाय में चलने वाली गाड़ियों की निगरानी आसान हो जाती है। चौथा फायदा, यह सुरक्षा की अतिरिक्त परत भी है। इस डिवाइस से वाहन मालिक को यह भरोसा रहता है कि गाड़ी की गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। कम लागत में तकनीक की सुविधा मिलती है। अब GPS डिवाइस पहले की तुलना में काफी सस्ती और आसानी से उपलब्ध है। इस तरह छोटे शहर हवेली खड़गपुर से शुरू हुआ यह GPS मार्केटिंग नेटवर्क अब आसपास के जिलों में वाहन सुरक्षा के नए विकल्प के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। साथ ही, आने वाले समय में इस सेवा का दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के वाहन मालिक भी आधुनिक सुरक्षा तकनीक का लाभ उठा सकें। आप कह सकते हैं कि GPS तकनीक लोगों के लिए भरोसेमंद सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है और जागरूकता बढ़ने के साथ इसकी मांग भी लगातार बढ़ रही है।





