बिहार विधान मंडल में 24 अप्रैल को बहुमत साबित करेंगे सम्राट चौधरी, 5 मई के बाद मंत्रिमंडल विस्तार

Mukhiyajee Reporter | Patna

बिहार की नयी सरकार के गठन के बाद अब नजरें विधानसभा के विशेष सत्र पर टिक गयी हैं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार 24 अप्रैल को सदन में अपना बहुमत साबित करेगी। इसके लिए बिहार विधानसभा का द्वितीय सत्र बुलाया गया है, जिसकी अधिसूचना आज शनिवार को जारी की गयी है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, 24 अप्रैल को सुबह 11 बजे से विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन पटल पर विश्वास मत का प्रस्ताव रखेंगे और अपने नेतृत्व को औपचारिक समर्थन दिलाएंगे। उधर, बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार 5 मई के बाद होने की संभावना है।

बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सत्ता का नेतृत्व बदल चुका है। अब न केवल सम्राट चौधरी को सदन का नेता चुना जाएगा, बल्कि जदयू को भी अपना नया विधायी दल का नेता तय करना होगा। ऐसे में यह सत्र सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि नए राजनीतिक संतुलन का मंच भी बन गया है। सत्ता पक्ष का दावा है कि विधानसभा अध्यक्ष को छोड़ भी दें, तो करीब 200 विधायकों का समर्थन सरकार के पक्ष में है। ऐसे में विश्वासमत का गणित सम्राट चौधरी के लिए सहज माना जा रहा है। इसके बाद भी विपक्ष इस मौके को राजनीतिक तौर पर घेरने की कोशिश करेगा।

बताया जाता है कि विश्वासमत के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन को संबोधित करते हुए अपनी सरकार का विजन और आगे की रणनीति भी पेश करेंगे। उन्होंने पहले ही संकेत दे दिया है कि सरकार के कामकाज और प्राथमिकताओं पर विस्तृत रोडमैप रखा जाएगा। इसी तरह, विशेष सत्र के दौरान सदन के नेता का औपचारिक चयन, नए राजनीतिक समीकरणों की पुष्टि और अन्य आवश्यक विधायी कार्य भी निपटाए जाएंगे। विधानसभा परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं और राजनीतिक हलकों में इस सत्र को लेकर सरगर्मी तेज है। बहरहाल, यह विशेष सत्र बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जहां सत्ता परिवर्तन के बाद अब नीतियों और प्राथमिकताओं की असली परीक्षा सदन के भीतर होगी। वहीं मंत्रिमंडल विस्तार 5 मई के बाद कभी भी होने के संकेत हैं। 4 मई को पश्चिम बंगाल चुनाव का परिणाम आएगा।