PATNA (MR) : बिहार के जहानाबाद (Jehanabad) की राष्ट्रीय लोक अदालत में डिस्ट्रिक जज (District Judge) ने शनिवार 12 नवंबर को ऐसा कुछ किया, जिसकी प्रशंसा हर जगह हो रही है। लोग इसे प्रेरक कदम बता रहे हैं। जज की यह दरियादिली चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से छा गया है। 

दरअसल, जिला जज राकेश कुमार सिंह (District Judge Rakesh Singh) ने जहानाबाद व्यवहार न्यायालय में लगायी गयी राष्ट्रीय लोक अदालत में कर्ज न चुका पाने से परेशान एक बुजुर्ग फूट-फूटकर रोने लगे तो जिला जज ने उनका कर्ज चुका दिया। बुजुर्ग ने अपनी बेटी की शादी के लिए 18 साल पहले कर्ज लिया था। इसे चुका नहीं पाने के कारण बैंक ने वसूली का नोटिस दिया था। कोर्ट में लोन सेटलमेंट के लिए उसे पेश किया गया था। इस दौरान यह वाकया हुआ था। 

लोन लेने वाले बुजुर्ग का नाम राजेंद्र तिवारी है। इन्होंने 18 साल पहले बेटी की शादी के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लिया था। किंतु, वह आर्थिक तंगी की वजह से कर्ज लौटा नहीं पा रहे थे। बैंक की ओर से बार-बार बुजुर्ग को नोटिस भेजा जा रहा था। उनका कर्ज ब्याज सहित बढ़कर 36 हजार 775 रुपए हो गया था। इससे पहले भी उन्हें नोटिस भेजा गया था। लोन नहीं चुकाने पर लोक अदालत में केस पहुंचा। 

बैंक के मुख्य प्रबंधक ने बुजुर्ग की गरीबी और स्वास्थ्य को देखते हुए ब्याज को माफ करते हुए 18 हजार 600 रुपये जमा करने को कहा। बुजुर्ग के पास 5 हजार रुपए ही थे। इस पर लोक अदालत में मौजूद उनके गांव के एक युवक ने 3 हजार रुपए की मदद की। बुजुर्ग ने कहा- मेरे पास अब 8 हजार रुपए हैं। ये रुपया भी चंदा से जमा किया गया था।

यह कहकर बुजुर्ग अदालत में फूट-फूटकर रोने लगे। इधर जैसे ही जिला जज राकेश कुमार सिंह ने इस बात को सुना तो उनका मन बुजुर्ग की विवशता देख पसीज गया। उन्होंने अपने पास से बाकी के 10 हजार 600 नकद देकर बुजुर्ग राजेंद्र तिवारी को कर्ज से मुक्त करा दिया। जैसे ही इस बात की जानकारी लोगों को मिली, वे जज साहब की प्रशंसा करने लगे। वहीं राजेंद्र तिवारी भी मदद करने वाले जज की प्रशंसा कर रहे हैं।

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