नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा पर तेजस्वी का बड़ा तंज, कहा- इसके पीछे आदत, चरित्र, चाल-चलन एवं चंचलता; 10 सवाल भी

PATNA (MR) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी यात्रा का नाम एक बार फिर बदल दिया है। इस यात्रा का नाम प्रगति यात्रा किया। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बड़ा तंज कसा है। उन्होंने आज 17 दिसंबर को बयान जारी करते हुए 10 सवाल भी दागे हैं और उनके जवाब मुख्यमंत्री से मांगे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी आदत, चरित्र, चाल-चलन एवं चंचलता के चलते एक पखवाड़े में एक ही यात्रा का कई बार नाम बदल चुके हैं। पहले महिला संवाद, फिर समाज सुधार और अब प्रगति यात्रा। यह दर्शाता है कि वो मानसिक रूप से कितने अशांत व अस्थिर हो चुके हैं।

तेजस्वी के 10 सवाल मुख्यमंत्री से

  1. 2023 में समाधान यात्रा के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गयी कितनी समस्याओं का समाधान उनके द्वारा अभी तक किया गया है?
  2. समाधान यात्रा में दर्ज की गयी कितनी समस्याएँ अभी भी उनके आश्वासन व निर्देश के बावजूद यथावत हैं? क्या उन समस्याओं के यथावत रहने के दोषी वो नहीं हैं?
  3. मुख्यमंत्री के जनता दरबार में नागरिकों द्वारा की गयी जन शिकायतों का निवारण अभी तक क्यों नहीं हुआ है?
  4. जनप्रतिनिधियों के जन सरोकारों/शिकायतों/जन समस्याओं को दरकिनार कर इन्होंने आखिर में चंद अधिकारियों की ही बातें सुननी है तथा अपनी ही रटी-रटाई, घिसी-पीटी बातें सुनानी है तो एकालाप से परिपूर्ण इस यात्रा का फायदा क्या?
  5. जब जनता से संवाद करना ही नहीं है तो उड़न खटोले से यात्रा कर अधिकारियों संग चाय-पानी में अरबों रुपए खर्च क्यों कर रहे हैं?
  6. क्या किसी संवाद में गरीब राज्य का 𝟐𝟐𝟓,𝟕𝟖𝟎𝟎𝟎𝟎𝟎 रुपये अल्पाहार और सोशल मीडिया के प्रचार में खर्च करना जायज है?
  7. क्या यह यात्रा अधिकारियों को लूट की छूट यात्रा नहीं है?
  8. क्या इस यात्रा में वो घर-घर मिल रही शराब, शराबबंदी में पुलिस की मिलीभगत तथा शराबबंदी की विफलता की प्रगति की समीक्षा करेंगे?
  9. क्या यह टायर्ड मुख्यमंत्री और रिटायर्ड अधिकारी द्वारा जिलास्तरीय अधिकारियों को तबादले की चेतावनी एवं धमकी देकर उगाही करने संबंधित यात्रा नहीं है?
  10. क्या यह मुख्यमंत्री की थानों और ब्लॉक में व्याप्त भ्रष्टाचार की प्रगति को गति देने की यात्रा है?