PATNA / KATIHAR (MR) : बिहार किसी से पहले भी कम नहीं था और अभी भी किसी से पीछे नहीं है। 20 साल बाद इतिहास ने फिर करवट ली। कटिहार के शुभम कुमार ने 2020 की UPSC परीक्षा (UPSC 2020) में टॉप किया। शुभम ने वैकल्पिक विषय एंथ्रोपोलॉजी (Anthropology) के साथ एग्जाम को निकाला। रिजल्ट आने के साथ ही बधाई देने वालों का तांता लग गया है।

सफलता मिलने के बाद शुभम ने मीडिया से लंबी बात की। शुभम अभी पुणे में हैं। उन्होंने मीडिया को बताया- ‘मैं IIT बॉम्बे से बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) किया हूं। इस रिजल्ट से मैं बहुत खुश हूं। मैं परिवार के सदस्यों मम्मी-पापा, चाचा-चाची, दीदी का शुक्रगुजार हूं। मेरी दीदी अंकिता न्यूक्लियर साइंटिस्ट हैं। उनका पूरा सहयोग मिला। पिता देवानंद सिंह उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में मैनेजर हैं। चाचा मणि कुमार सिंह पूर्णिया में डॉक्टर हैं। मम्मी व चाची होम मेकर हैं। परिवार वालों ने पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह की आंच नहीं आने दी।’ 

शुभम ने कल रात पत्रकारों को बताया कि 2019 में उन्हें 290 रैंक आया था। उन्हें डिफेंस में सर्विस भी मिली है। लेकिन अंदर से संतुष्टि नहीं थी। इससे वे एरिया के लोगों की सेवा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने पढ़ाई से लेकर कोचिंग तक पर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि 2019 कोचिंग की ज्यादा जरूरत पड़ी थी। लेकिन 2020 में इसकी बहुत ज्यादा जरूरत नहीं पड़ी। 2019 की तैयारी से बेसिक चीजें पता चल गयी थीं। सेल्फ स्टडी के रूप में 8 से 10 घंटे की पढाई करता था। 

इधर, बिहार के कटिहार में रहने वाले पैरंट भी काफी खुश हैं। बेटे की सफलता से मां पूनम देवी काफी गदगद हैं। मां ने कहा कि शुभम अभी पुणे में हैं। उनकी ट्रेनिंग चल रही है। इस सफलता से मैं ही नहीं, हर कोई बहुत खुश है। मुझे बहुत अच्छा लगा। सभी बच्चे शुभम की तरह तैयारी करें। शुभम क्लास वन से लेकर 10 तक टॉपर रहा। आज UPSV में भी वह टॉपर बन गया।  

मां बचपन से पूछती थीं कि तुम क्या बनोगे तो वह कहता था मैं IAS बनूंगा। मैं उसको कहती थी कि तुम अच्छा से  पढ़ोगे तो मैं तुम्हें पढ़ाती रहूंगी। पिता ने बताया कि शुभम की प्राइमरी से लेकर 10वीं तक की शिक्षा विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल से हुई। 12वीं की पढ़ाई चिन्मया विद्यालय बोकारो से हुई। उसके बाद उन्होंने IIT बॉम्बे से सिविल इंजीनियरिग किया। शुभम की बहन अंकिता न्यूक्लियर साइंटिस्ट हैं। वह अभी आरआर कैट इंदौर में पोस्टेड हैं। संयुक्त परिवार है। बता दें कि 2000 में आलोक झा और 1987 में आमिर सुबहानी ने यूपीएससी में टॉप किया था।

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