Mukhiyajee Reporter | Patna
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को मैथिली, भोजपुरी, बज्जिका, मगही और अंगिका में से एक अतिरिक्त भाषा पढ़ाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने मंगलवार (6 अक्टूबर) को शिक्षा विभाग के डॉ. मदन मोहन झा स्मृति सभागार में विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में कहीं। उन्होंने विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण, कौशलयुक्त और रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिले, जिससे वे आगे चलकर रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।

बैठक में मध्यमा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के माध्यम से प्लस-टू की पढ़ाई कराने की व्यवस्था पर विमर्श किया गया। इसके लिए संबंधित एक्ट में आवश्यक बदलाव किया जाएगा। बैठक में उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने मध्यमा की परीक्षा पास की। उन्होंने संस्कृत विद्यालयों और मदरसों की जांच रिपोर्ट अधिकतम एक माह में पूरी करने का भी निर्देश दिया। इस दौरान बक्सर के सिमरी में प्रस्तावित गुरुकुल विद्यापीठ पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कर्नाटक स्थित सत्य साई आश्रम का दौरा कर लौटी टीम ने वहां की व्यवस्थाओं और खूबियों का प्रस्तुतीकरण किया। इसके आधार पर बक्सर में प्रस्तावित गुरुकुल की डिजाइन भी प्रस्तुत की गयी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि गुरुकुल के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध हो चुकी है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जमीन की भी मांग की जायेगी। विद्यालयों की आधारभूत संरचना और विकास से जुड़े कार्य विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के माध्यम से कराने पर भी चर्चा हुई।


बैठक में तय हुआ कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के जर्जर भवनों की तकनीकी जांच करायी जाएगी। इसके लिए अभियंताओं की टीम विद्यालयों का निरीक्षण करेगी। हर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को जर्जर भवनों की तस्वीर ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके आधार पर पूरे राज्य के जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि कन्या उत्थान योजना, बालिका प्रोत्साहन योजना समेत सभी कल्याणकारी योजनाओं की राशि दीपावली से पहले डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजी जाय। शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (स्थापना) को शिक्षकों की सेवा से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि आवेदन के 15 दिनों के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों की फाइल अब निदेशक और सचिव स्तर तक पहुंचेगी। लापरवाही बरतने पर निष्कासन तक की कार्रवाई की जायेगी।









