बिहार बजट भाषण में विपक्ष को श्रवण कुमार की कड़ी नसीहत, सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाया

Rajesh Thakur | Patna

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सरकार की ओर से दिये गये जवाब के दौरान राजद सहित विपक्षी दलों पर तीखा सियासी कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जानबूझकर ये लोग भ्रम और अफवाह फैलाने की कोशिश की थी। मंत्री ने कहा कि खासकर महिलाओं के बीच झूठी बातें फैलाकर उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राजद के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि वे महिलाओं के बीच भ्रम और झूठ न फैलाएं तथा तथ्यों के आधार पर राजनीति करें। मंत्री के इस बयान के दौरान सदन में कुछ देर तक शोर-शराबा भी हुआ। इसके बाद उन्होंने विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा सदन में प्रस्तुत किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, आवास, जीविकोपार्जन, मनरेगा, जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में व्यापक काम किया गया है। उन्होंने वीवीजीरामजी के बारे में भी जानकारी दी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि हर गरीबों का अपना पक्का मकान हो, इसके लिए भारत सरकार के निर्देश पर सर्वे कराकर आज ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1 करोड़ 4 लाख 90 हजार नया नाम जोड़कर केंद्र को भेजा गया है। जैसे ही बिहार को लक्ष्य प्राप्त होगा इन गरीबों को पक्का मकान बनाने की स्वीकृति शीघ्र दी जायेगी।

सदन को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रथम चरण में राज्य में 1 करोड़ 22 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके अलावा 9 हजार 435 सामुदायिक शौचालय बनाए गए। उन्होंने कहा कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत ग्राम पंचायतों में कचरा उठाव की व्यवस्था की जा रही है। अब तक 1 लाख 96 हजार से अधिक सामुदायिक सोख्ता का निर्माण किया गया है, जबकि 661 से अधिक स्थानों पर जलकूप चैम्बर बनाए गए हैं। गोवर्धन योजना के तहत 36 जिलों में कार्य प्रारंभ हो चुका है। द्वितीय चरण में 5 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत राज्य में 31 लाख 71 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 11 लाख 45 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 करोड़ 40 लाख से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं। विभिन्न बैंकों में 10 लाख 53 हजार से अधिक बचत खाते खोले गए हैं और 62 हजार 628 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 6 हजार 459 बैंक सखी कार्यरत हैं और 91 लाख 11 हजार से अधिक जीविका दीदियों का बीमा कराया गया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रारंभिक पूंजी मद में 7 हजार 566 करोड़ 90 हजार रुपये तथा आरआईएफ मद में 3 हजार 89 करोड़ 94 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2006 से अब तक 15 हजार करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 2025-26 में 1 लाख 29 हजार जीविका समूहों को 7 हजार 52 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया।

मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संबंध में बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में मिलाकर 12 लाख 19 हजार आवास का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत करीब 91 हजार से अधिक गरीब परिवारों को स्वीकृति दी गयी है। उन्होंने बताया कि आवास, भूमि क्रय, शौचालय निर्माण और मनरेगा मजदूरी सहित प्रति लाभुक लगभग 1 लाख 55 हजार 750 रुपये की सहायता दी जा रही है। मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21 करोड़ मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 19 करोड़ 75 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं, जो लक्ष्य का 94.04 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि 5,324 खेल मैदान निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 5,104 पूर्ण हो चुके हैं और 220 निर्माणाधीन हैं। मनरेगा के माध्यम से 44 हजार से अधिक पशु शेड तथा 1 हजार 904 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 1 अप्रैल से मनरेगा नये रूप में वीवीजीरामजी हो जाएगा, जिससे मजदूरों को बहुत अधिक लाभ मिलेगा।

उन्होंने जल-जीवन-हरियाली अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि 2 अक्टूबर 2019 से प्रारंभ इस अभियान में अब तक 26,310 तालाब और पोखरों की गाद सफाई, 78,030 आहर-पइन की सफाई, 38,255 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार तथा 30,843 कुओं पर कवर संरचना का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त 2,28,284 पोखरों के किनारे सखुआ निर्माण, 75,016 नए जल स्रोतों का सृजन, 13,184 चेकडैम निर्माण तथा 14,621 सरकारी भवनों में वर्षा जल संचयन संरचना स्थापित की गई है। वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ 93 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 1 करोड़ 4 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। 39,683 वन पोषण कार्य और 326 नर्सरी स्थापित की गयी हैं। सामाजिक अंकेक्षण के संबंध में बताया कि 2018-19 से जनवरी 2026 तक 72 हजार 292 ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण किया गया है। वर्ष 2023-24 में मनरेगा की 7,184 पंचायतों, प्रधानमंत्री आवास योजना की 4,315 पंचायतों, हर घर नल जल की 441 पंचायतों, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की 3,343 पंचायतों तथा 7,006 जन वितरण प्रणाली दुकानों का सामाजिक अंकेक्षण किया गया।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मंत्री ने बताया कि राज्य में 1 करोड़ 43 लाख 85 हजार 389 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। 86,152 एकड़ में जैविक खेती की जा रही है तथा 51,968 एकड़ में टपकन सिंचाई व्यवस्था लागू की गयी है। 42 लाख 54 हजार किसान नयी तकनीक से जुड़े हैं। 61 उत्पादक कंपनियां गठित की गयी हैं और 520 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में 1 करोड़ 53 लाख लीटर नीरा उत्पादन हुआ है। 1,365 सिलाई मशीन केंद्रों के माध्यम से 40 हजार से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण और 51 हजार महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की ये योजनाएं राज्य को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं और सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण बिहार को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। उन्होंने दावा किया कि स्वच्छता, आवास, जीविका, मनरेगा और जल संरक्षण जैसी योजनाओं के जरिए गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मंत्री ने विपक्ष से आग्रह किया कि विकास कार्यों पर राजनीति करने के बजाय सकारात्मक सहयोग करें, ताकि राज्य को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने यह भी कह दिया कि झूठ-फरेब फैलाने वालों के खिलाफ जांच करायी जाएगी।