Rajesh Thakur | Special Report
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की आज 8 अक्टूबर को पुण्यतिथि है। इस अवसर पर उनके बेटे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का दर्द शब्दों में छलक पड़ा। उन्होंने आज सुबह सोशल मीडिया पर अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे पिता और बड़ी बहन के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर के साथ लिखी गयी उनकी भावुक पंक्तियां कुछ ही देर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गयीं। भले ही चंद पंक्तियां हैं, लेकिन वह हर किसी को अंतर्मन छू जाती है। तस्वीर बेहद आत्मीय है। इसमें रामविलास पासवान मुस्कुराते हुए बिस्तर पर बैठे हैं और एक तरफ बेटी तथा दूसरी तरफ नन्हे चिराग उनसे लिपटे हुए हैं। इसमें एक दिग्गज राजनेता से ज्यादा एक स्नेहिल पिता की छवि दिखती है।

दरअसल, रामविलास पासवान का निधन अक्टूबर 2020 में हुआ था। उनके निधन के बाद चिराग पासवान ने पार्टी और विरासत की जिम्मेदारी संभाली। पिता के जाने के बाद का सफर आसान नहीं रहा। पार्टी में टूट हुई और चाचा पशुपति कुमार पारस से राजनीतिक द्वंद्व चला। उस दौर में चिराग ने कहा था कि वे एक शेर के बेटे हैं और लड़ाई लड़ेंगे। पिता की जयंती पर उन्होंने हाजीपुर से ‘आशीर्वाद यात्रा’ की शुरुआत की थी और अपनी मां व परिवार के साथ पिता को श्रद्धांजलि दी थी। इतना ही नहीं, 2014 और 2019 में जमुई से चुनाव जीतने के बाद 2024 का लोकसभा चुनाव उन्होंने अपने पिता की परम्परागत सीट हाजीपुर से लड़ा और विजयी हुए। इसके अलावा संघर्ष के उन दिनों की एक भावुक तस्वीर नवंबर 2024 में भी दिखी थी। चार साल के लंबे अंतराल के बाद चिराग ने मां रीना पासवान और परिवार के साथ पटना स्थित पार्टी कार्यालय में गृह प्रवेश किया, और कार्यालय में कदम रखते ही माहौल भावुक हो उठा।

बहरहाल, अब बताते हैं कि चिराग पासवान ने अपने दिवंगत पिता के लिए क्या लिखा। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में लिखा है- ‘पापा जी, आज इस भूमिका में आकर समझ आता है कि पार्टी, परिवार और लाखों उम्मीदों की जिम्मेदारी आप उठाते थे, और फिर भी दीदी और मेरे लिए आपके पास हमेशा समय था।’ संदेश के अंत में उन्होंने लिखा, ‘काश, एक बार फिर आपके गले लग पाते।’ इसके बाद हाथ जोड़ने वाले इमोजी के साथ उन्होंने ‘Miss you, Papa ji’ लिखकर पिता को याद किया। आज की पोस्ट में ‘इस भूमिका में आकर’ लिखा गया वाक्य उसी सफर की ओर इशारा करता है, जिसमें एक बेटा धीरे-धीरे पिता की जिम्मेदारी का वजन समझ पाया। पुण्यतिथि के मौके पर चिराग की यह पोस्ट बताती है कि सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं और राजनीतिक संघर्षों के बीच भी पिता की यादें आज उतनी ही ताजा हैं। बड़ी संख्या में लोग इस पोस्ट पर श्रद्धांजलि और संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।











