AURANGABAD (MR) : बिहार में ‘गांव की सरकार’ को लेकर सरगर्मी तेज है. इस बार 11 चरणों में पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं। पहले चरण का नामांकन कार्य थम चुका है। गांवों में पंचायत चुनावों को लेकर प्रचार अभियान जोरों पर है। प्रत्याशी वोटरों को लुभाने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जब मुखिया प्रत्याशी के नेताजी ‘मुर्गा भात’ की पार्टी देते फंस गए. पुलिस पहुंची तो सब हो गए नौ दो ग्यारह।

दरअसल, बिहार के अन्य जिलों की तरह औरंगाबाद के प्रखंडों में भी पंचायत चुनाव को लेकर प्रचार तेज है। वोटरों को प्रत्याशित आकर्षित करने के लिए पार्टी दे रहे हैं। ऐसी एक पार्टी का आयोजन बारूण थाना क्षेत्र के बर्डी कला गांव में मुखिया प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह की ओर से की गई थी। लेकिन उन्हें अपने सर्मथकों को मुर्गा भात खिलाना भारी पड़ गया।

औरंगाबाद में बर्डीखुर्द के लक्ष्मण सिंह की ओर से दी गई मुर्गा भात की पार्टी की भनक पुलिस को लग गई। यह पार्टी बर्डी कला निवासी बिंदेश्वर मेहता के राइस मिल में दी जा रही थी। बता दें कि 2016 में बर्डीखुर्द से ललिता देवी मुखिया पद पर विजयी हुई थीं। उन्हीं के पति हैं लक्ष्मण सिंह। शनिवार को दी जा रही इस पार्टी की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।

थानाध्यक्ष धनंजय शर्मा के अनुसार, अंचलाधिकारी राणा अक्षय प्रताप सिंह के आवेदन पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। चिह्नित स्थान पर सीओ और दरोगा दीनानाथ सिंह के साथ सशस्त्र बल ने देर रात छापेमारी की। लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही मिल में मौजूद लोग फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, 15-20 की संख्या में लोग वहां मौजूद थे। वे सब अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि मुखिया प्रत्याशी प्रतिनिधि खैरा गांव निवासी लक्ष्मण सिंह एवं राइस मिल मालिक बिंदेश्वर मेहता के साथ 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उलंघन का मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है।

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