Mukhiyajee Reporter / Patna
इंडिया गठबंधन की दिल्ली बैठक और बिहार में महागठबंधन की संयोजन समिति के निर्णय के आलोक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने में CPI पूरा साथ देगी। निर्णय के अनुसार, सहरसा जिले के सभी प्रखंडों में आज 7 अक्टूबर को और जिला मुख्यालय में कल 8 अक्टूबर को पुतला दहन किया जाएगा। इसका निर्णय महागठबंधन के घटक दलों की बैठक में लिया गया। बैठक में CPI के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण सहित अन्य नेताओं ने कहा कि वोट चोर, गद्दी छोड़ का नारा जब जनता और विपक्ष लगाता था, तब इसे सियासी आरोप कहा जाता था, लेकिन अब स्थिति स्पष्ट हो गयी है।

उन्होंने यह भी कहा कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दोनों अन्य आयुक्तों को दरकिनार कर अकेले फैसले लेते रहे। उन्होंने दावा किया कि बीते 10 महीनों में अन्य दो आयुक्तों ने SIR और वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति दर्ज की थी। नेताओं के अनुसार माता-पिता और दादा-दादी के नाम पिछले SIR में होने की जानकारी मांगना निर्वाचन पंजीकरण अधिनियम 1960 में संशोधन के बिना नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आयोग का यह तर्क सही नहीं है कि 2003 में भी SIR हुआ था और नागरिकता की जांच हो चुकी है। उनके मुताबिक 2003 में केवल आयु और आवास से जुड़े दस्तावेज मांगे गए थे, जबकि उस समय की नियम पुस्तिका के अनुसार नागरिकता तय करना बीएलओ का काम नहीं है।
नेताओं ने दावा किया कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए या गायब हैं। उन्होंने मौजूदा सरकार को ‘वोट चोरी की सरकार’ बताते हुए प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। साथ ही नए SIR के बाद बिहार, महाराष्ट्र और बंगाल में हुए चुनाव रद्द कर पुरानी मतदाता सूची पर दोबारा चुनाव कराने की मांग की।









