Rajesh Thakur | Patna
बिहार की राजनीति में अक्सर भाषण, आरोप-प्रत्यारोप और शक्ति प्रदर्शन की चर्चा होती है। लेकिन कभी-कभी किसी नेता की एक निजी स्मृति लोगों के दिल तक सीधा रास्ता बना लेती है। ऐसा ही एक भावुक पोस्ट इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसे IIP पार्टी के विधायक IP Gupta ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया है। पोस्ट में उन्होंने अपने संघर्षभरे दिनों की ऐसी कहानी सुनायी है, जिसने हजारों लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे एक पुराने दोस्त का फोन उन्हें बरसों पीछे गांव की उन यादों में ले गया, जहां गरीबी, बेबसी और दोस्ती ही उनकी असली पूंजी थी।
विधायक आईपी गुप्ता ने लिखा कि उनके गांव केंदुआ के पुराने दोस्त उपेंद्र जी का फोन आया था। बातचीत धीरे-धीरे जिंदगी की सच्चाइयों तक पहुंच गयी। दोस्त अपनी बेटी की शादी की चिंता और एक बेरोजगार पिता की मजबूरी बयान कर रहे थे। वे बताते चले गए कि किस तरह एक बेरोजगार बाप अपनी बेटी की शादी करता है। वो बेबसी, लाचारी और विदाई तक बिना रोये किस तरह अपनी हर आंसू गिन जाता है। पूरी कहानी कह गए, क्योंकि पहली बार कोई सुनने वाला जो मिल गया था, जिसे वह सुना सकता था। उसी दौरान विधायक भी अपने बीते दिनों की स्मृतियों में खोते चले गए।



विधायक आईपी गुप्ता अपने संघर्ष के दिनों का एक बेहद मार्मिक प्रसंग साझा करते हुए लिखते हैं। बचपन में उनके घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े तक नहीं होते थे। वे अपने जीजा के पुराने अंडरवियर पर गमछा लपेटकर दोस्त मुरारी के घर सोने जाया करते थे। एक दिन सुबह जब नींद खुली तो गमछा गायब था। घर लौटने की हिम्मत नहीं हो रही थी। घंटों तक वे चुपचाप बैठे सोचते रहे। बाद में मुरारी के पिता ने अपनी गमछा उन्हें दी। बाद में पता चला कि उनका गमछा हवा में उड़कर नीचे गिर गया था।
बहरहाल, विधायक ने अपने पोस्ट में लिखा- ‘असली औकात ही आपकी जमापूंजी होती है।’ यही पंक्ति अब सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा साझा की जा रही है। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद लोग इसे राजनीति से इतर एक इंसान की संघर्षगाथा बता रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि सत्ता और पद मिलने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति अपने संघर्ष और दोस्तों को नहीं भूलता, तो वही उसकी सबसे बड़ी पहचान होती है।
राजनीति की भीड़ में यह पोस्ट इसलिए अलग नजर आया, क्योंकि इसमें नेता नहीं, बल्कि एक गांव का संघर्षशील युवक चानो तांती बोलता दिखाई देता है, जिसने गरीबी, अपमान और अभाव को बहुत करीब से जिया है।







