बूथ अध्यक्ष से बांकीपुर के उम्मीदवार तक… कौन हैं नीरज सिन्हा, जिन पर भाजपा ने जताया भरोसा

Mukhiyajee Reporter | Patna

बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर में भाजपा ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ा सियासी उलटफेर कर दिया। पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने 9 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नामांकन भी दाखिल कर दिया। लेकिन अगले ही दिन अभिषेक ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा नेतृत्व ने तत्काल नया उम्मीदवार घोषित करते हुए नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया। यह फैसला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अभिषेक के नामांकन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य एनडीए नेता।
भाजपा कार्यालय में नीरज सिन्हा का अभिनंदन करते प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी।

मीठापुर के रहने वाले हैं नीरज सिन्हा : भाजपा के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा मूल रूप से पटना के मीठापुर बी एरिया, पोस्ट ऑफिस के पास के निवासी हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को पटना में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय ध्रुव कुमार और माता स्वर्गीय सरोज देवी हैं। अविवाहित नीरज ने स्नातक (बी.ए.) तक की शिक्षा प्राप्त की है।

काफी कम उम्र से भाजपा से जुड़े : नीरज कुमार सिन्हा का राजनीतिक सफर वर्ष 2006 में भाजपा के प्राथमिक सदस्य बनने के साथ शुरू हुआ। पार्टी संगठन में उन्होंने लगातार जिम्मेदारियां निभायीं और बूथ स्तर से लेकर मंडल तथा जिला स्तर तक अपनी सक्रिय भूमिका दर्ज करायी। संगठन में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण दायित्व मिलते रहे।

संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं : नीरज सिन्हा सबसे पहले नरेंद्र भारती मंडल के बूथ अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्हें उसी मंडल का महामंत्री बनाया गया। आगे चलकर वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला उपाध्यक्ष भी रहे। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें दो बार नरेंद्र भारती मंडल का अध्यक्ष बनाया। वर्तमान में भी वे इसी मंडल के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।

परिवार की भी जनसंघ-भाजपा से जुड़ाव : नीरज सिन्हा का परिवार भी लंबे समय से जनसंघ और भाजपा की विचारधारा से जुड़ा रहा है। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ काल के सक्रिय कार्यकर्ता थे। वर्ष 1984 में उनके निधन के बाद उनकी स्मृति में संबंधित मंडल का नाम बदलकर ‘नरेंद्र भारती मंडल’ रखा गया। माना जाता है कि इसी राजनीतिक विरासत और संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका के कारण नीरज सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व का भरोसा हासिल किया।

अब नामांकन पर सबकी नजर : भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब सबकी नजर नीरज कुमार सिन्हा के नामांकन पर है। हालांकि, उनके नामांकन की तिथि और समय को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आयी है। लेकिन इतना तय है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार बदलने का भाजपा का यह फैसला चुनावी राजनीति में नयी चर्चा और नए समीकरणों को जन्म दे चुका है। वहीं उम्मीद की जा रही है कि नीरज सिन्हा सोमवार 13 जुलाई को नामांकन के पर्चे भरेंगे। उसी दिन नामांकन की अंतिम तिथि है।