बिहार सरकार का बड़ा फैसला, संविदा महिला कर्मियों को हर माह दो दिन की विशेष छुट्टी

Mukhiyajee Reporter | Patna

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने संविदा, बेल्ट्रान और आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत महिला कर्मियों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। अब राज्य की ऐसी महिला कर्मचारियों को हर महीने दो दिनों की विशेष छुट्टी (स्पेशल लीव) मिलेगी। माना जा रहा है कि इस निर्णय से राज्यभर की करीब डेढ़ लाख से अधिक महिला कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, यह व्यवस्था लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। सरकार के इस फैसले को महिला कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग और हाल के विवाद के बाद एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, ऑफिस टाइम पर अभी कोई फैसला नहीं आया कि उसकी डिपार्चर टाइम क्या होगा।

दरअसल, हाल ही में जारी एक प्रशासनिक निर्देश में नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5 बजे तक निर्धारित की गयी थी, जबकि संविदा, बेल्ट्रान और आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत महिला कर्मियों को शाम 6 बजे तक काम करने का निर्देश दिया गया था। इसे लेकर महिला कर्मचारियों के बीच नाराजगी बढ़ गयी थी। कर्मचारियों का कहना था कि समान कार्य के बावजूद उनसे एक घंटे अतिरिक्त ड्यूटी ली जा रही है। विशेष रूप से परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी संभालने वाली महिला कर्मियों ने इसे व्यावहारिक कठिनाई बताया था। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा और अब महिला कर्मियों को हर माह दो दिन की विशेष छुट्टी देने का निर्णय सामने आया है। बताया जाता है कि सरकार जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकती है, जिसके बाद सभी विभागों में इसे लागू किया जाएगा। उम्मीद है कि एक जून से विभागीय स्तर पर यह नियम लागू हो सकता है।

सरकार के नए फैसले से संविदा पर कार्यरत महिला कर्मचारी, बेल्ट्रान के माध्यम से नियुक्त महिला कर्मी और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए बहाल महिला कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, नगर विकास सहित कई विभागों में कार्यरत महिलाओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा। नयी व्यवस्था के तहत मिलने वाली दो दिनों की विशेष छुट्टी महिला कर्मियों के सामान्य अवकाश से अलग होगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है, जिसमें छुट्टी लेने की प्रक्रिया और अन्य नियम स्पष्ट किए जाएंगे। बहरहाल, सरकार के फैसले के बाद महिला कर्मियों और कर्मचारी संगठनों में खुशी का माहौल है। कई संगठनों ने इसे सकारात्मक और संवेदनशील पहल बताते हुए कहा कि लंबे समय से संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए समान कार्य के बदले समान सुविधा की मांग उठती रही है। ऐसे में यह निर्णय महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत देने वाला साबित होगा।