Rajesh Thakur / Patna : बिहार के गिद्धौर राज रियासत की अंतिम महारानी तथा स्वर्गीय महाराजा प्रताप सिंह की धर्मपत्नी महारानी प्रतिभा मंजरी देवी का रविवार (23 नवंबर) को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी बिहार की सूचना प्रोवैधिकी सह खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा की है। साथ ही उन्होंने महारानी के निधन पर शोक भी जताया है। वहीं उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की गहरी छाया पसर गयी। राजघराने से लेकर आमजन तक, सभी इस खबर से मर्माहत हैं। बता दें कि श्रेयसी सिंह भी गिद्धौर राज परिवार से जुड़ी हुई हैं और उस रियासत की नयी पीढ़ी हैं।

आमजन और राजपरिवार, दोनों के लिए प्रिय थीं : महारानी प्रतिभा मंजरी देवी मूलतः उड़ीसा के प्रतिष्ठित मयूरभंज रियासत की राजकुमारी थीं। विवाह उपरांत वे गिद्धौर राज परिवार की गरिमा, अनुशासन और परंपरा की संवाहक बनीं। उनका व्यक्तित्व अत्यंत मृदुभाषी, सरल और सभी को सम्मान देने वाला था। वे आमजन और राजपरिवार, दोनों के बीच समान रूप से प्रिय रहीं। बताया जाता है कि महारानी प्रतिभा मंजरी देवी ने गिद्धौर के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को अपने शांत, संयत और सौम्य स्वभाव से सदैव प्रभावित किया। वे सदैव सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं और महिलाओं व वंचित तबकों के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखती थीं।

मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव की प्रतिमूर्ति थीं : महारानी के निधन से गिद्धौर में जहां शोक की लहर है, वहीं इस रियासत से जुड़े देश के अन्य राज्यों में रह रहे राज परिवारों के लोग भी दुखी हैं। राजपरिवार के सदस्यों के अनुसार, महारानी का आशीर्वाद, उनका स्नेह और उनका सौम्य व्यवहार हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। महारानी का योगदान गिद्धौर की स्मृतियों में सदैव अमिट रहेगा। दूसरी ओर, गिद्धौर राज परिवार से जुड़ी बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि गिद्धौर राज के स्व० महाराजा प्रताप सिंह जी की धर्म पत्नी और गिद्धौर राज रियासत की अंतिम महारानी भाभी सा प्रतिभा मंजरी देवी के निधन का समाचार पाकर अत्यंत पीड़ा हुई। महारानी उड़ीसा के मयूरभंज रियासत की राजकुमारी थीं। उनका मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव जीवनपर्यंत स्मरण रहेगा। ईश्वर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें।






