Mukhiyajee Reporter | Patna / New Delhi
दिल्ली हाईकोर्ट से मुजफ्फरपुर के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को बड़ा झटका लगा है। हर्ष फायरिंग केस में हाईकोर्ट ने आज मंगलवार की सुनवाई के बाद उनकी दोष सिद्धि पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद राजू सिंह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ गयी हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार, दोष सिद्ध बरकरार रहने से उनकी विधानसभा सदस्यता पर संकट गहरा गया है। इससे पहले की सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने दोष सिद्ध पर तत्काल रोक नहीं लगायी थी। यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है। दिल्ली के एक फार्महाउस में न्यू ईयर पार्टी चल रही थी। इसी दौरान हर्ष फायरिंग में महिला आर्किटेक्ट डॉ. अर्चना गुप्ता के सिर में गोली लग गयी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी।
इसी वर्ष के जुलाई माह में दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (राउज एवेन्यू कोर्ट) ने मामले में राजू सिंह को दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 304 पार्ट-2 (गैर इरादतन हत्या) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी पाया। फैसला आते ही अदालत ने उन्हें तत्काल हिरासत में लेने का आदेश दिया था। जुलाई 2026 में अदालत ने उन्हें 4 साल के साधारण कारावास और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी थी। यह राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जानी तय हुई है। इसी मामले में सह-आरोपी बनाई गयीं उनकी पत्नी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को अदालत ने बरी कर दिया था। निचली अदालत के फैसले के बाद विधायक ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने उनके वकीलों की दलीलों पर सुनवाई करते हुए सजा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी और जमानत याचिका स्वीकार कर ली थी। हालांकि अब दोष सिद्धि पर रोक से इनकार के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गयी हैं।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के कड़े नियमों के अनुसार, यदि किसी सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलती है, तो उसकी सदन की सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है। इस नियम की वजह से साहेबगंज सीट से भाजपा विधायक राजू सिंह की सदस्यता जा सकती है। दोष सिद्धि पर स्टे न मिलने के कारण उनकी परेशानी बढ़ गयी है। इस तगड़े झटके के बाद उनके पास राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का ही एकमात्र विकल्प शेष बचा है। बता दें कि राजू कुमार सिंह मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं। वह नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं।




