PATNA (SMR) : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दो साल हो गए। 17 वीं विधानसभा में 243 में से करीब 100 विधायक पहली बार निर्वाचित हुए थे। उनमें से कुछ विधायकों से बिहार पॉलिटिक्स पर पैनी नजर बनाए रखने वाले वीरेंद्र यादव ने बात की है। उनके दो वर्ष के अनुभव और अनुभूति को नजदीक से जाना। यहां हम उनके सौजन्य से ‘सियासी गलियारे से’ की सीरीज में प्रकाशित कर रहे हैं… पेश है तीसरी कड़ी :

सीतामढ़ी जिले के बथनाहा से BJP के विधायक हैं अनिल कुमार (Anil Kumar)। पेशे से इंजीनियर अनिल बीपीएससी (BPSC) द्वारा आयोजित सहायक अभियंता (Assistant Engneering) की परीक्षा उत्‍तीर्ण कर चुके हैं। हालांकि यह रिजल्‍ट विधायक बनने के बाद आया था, इसलिए उन्‍होंने संसदीय जीवन को ही अपना कार्यक्षेत्र चुना। 

वे कहते हैं कि उनकी पैरवी से किसी व्‍यक्ति का उचित कार्य हो जाता है तो काफी सुकून मिलता है। विधायक होने के कारण जनता की सेवा का मौका मिलता है। इससे खुशी होती है। उनका मानना है कि जनसमस्‍याओं के समाधान का विधान सभा सबसे बड़ा प्‍लेटफॉर्म है और इसका उपयोग भी उसी रूप में करते हैं। 

विधान सभा के सत्र के दौरान मुद्दे उठाकर उनके समाधान की पहल की जाती है। रीगा चीनी मील काफी दिनों से बंद है। इसको चालू करवाने की मांग सत्र के दौरान उठाएंगे। 

अनिल कुमार कहते हैं कि विधायक के रूप में जनता, गरीबों, शोषित, पीडि़त और वंचित वर्गों की मदद करने का प्रयास करते हैं। उनकी ही पहल पर कई सड़कों का निर्माण हुआ और स्‍वास्‍थ्‍य उपकेंद्र बनाया जा रहा है। वे कहते हैं कि दो वर्षों में विधायी कार्यों को समझने का मौका मिला है और इस अनुभव का उपयोग आगे भी करते रहेंगे।

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