Mukhiyajee Reporter | Patna
पटना के फुलवारीशरीफ स्थित मौर्य विहार कॉलोनी में माता वनदेवी मंदिर की थीम पर तैयार भव्य पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना है। बिहटा के प्रसिद्ध वनदेवी मंदिर की तर्ज पर बने पंडाल में जंगल, गुफा, वन्यजीवों की आकृतियां और लाइट एंड साउंड के जरिए रोमांचक माहौल तैयार किया गया है। गुफा के अंदर जंगल की रहस्यमयी और डरावनी आवाजों के साथ बाघ, शेर और चीते की आवाजें श्रद्धालुओं को रोमांचित कर रही हैं। करीब तीन महीने की मेहनत से आर्ट कॉलेज के छात्रों ने इसे तैयार किया है। समिति अध्यक्ष हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों को वनदेवी मंदिर ले जाकर वहां के जंगल और गुफा की बनावट का अध्ययन कराया गया था।


सचिव वरुण राज उर्फ छोटू के अनुसार, पंडाल पर करीब 15 से 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। जंगल का रूप देने में करीब 700 दर्जन कृत्रिम पत्तियों और पौधों का इस्तेमाल किया गया है। हिरण, मोर, बिच्छू समेत कई वन्यजीवों की आकृतियां भी सजायी गयी हैं। मौर्य विहार में करीब दस वर्षों से हर दुर्गापूजा में अलग थीम पर पंडाल बनाने की परंपरा है। इस बार धार्मिक आस्था के साथ कला और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिल रहा है। पंडाल लख सड़क पर मौर्य विहार कॉलोनी मोड़ के पास, एम्स एलिवेटेड रोड से करीब 500 मीटर दक्षिण स्थित है।


बहरहाल, दुर्गापूजा और दशहरा को लेकर फुलवारीशरीफ समेत आसपास के इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। फुलवारीशरीफ क्षेत्र में 25 पूजा पंडालों को लाइसेंस दिया गया है, जबकि 16 स्थानों को संवेदनशील घोषित कर सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला बल, बीएमपी, सैफ, लाठी पार्टी के जवानों के साथ महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गयी है। पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-1 एएसपी नारायण उपाध्याय ने बताया कि पूजा के दौरान शांति और सुरक्षा के लिए लगातार गश्ती व फ्लैग मार्च कराया जा रहा है। डीजे बजाने और सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा थाना अध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम के नेतृत्व में लगातार पुलिस टीम तमाम इलाकों में गश्त कर रही है।







