Rajesh Thakur | Patna
बिहार की पंचायती राज व्यवस्था में गुरुवार को ऐसा अध्याय जुड़ा, जो आने वाले दिनों में सरकार की नींद उड़ा सकता है। विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के आवास का घेराव किया। इसका नेतृत्व बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय और बिहार पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने किया था। बता दें कि पंचायत प्रतिनिधियों ने न केवल मंत्री के आवास का घेराव किया, बल्कि उनके खिलाफ जमकर हल्ला बोला। इतना ही नहीं, प्रदर्शन के दौरान हाथ में रखे तख्तियों के माध्यम से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ललन सिंह से भी अपनी मांगों पर जवाब मांगा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसके लिए सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

बिहार पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने मुखियाजी डॉट कॉम को बताया कि आजादी के बाद पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने बिहार में किसी मंत्री के आवास पर इस तरह हल्ला बोला। हालांकि दारोगा प्रसाद राय ट्रस्ट भवन से बढ़ रहे प्रतिनिधियों को पुल के समीप पुलिस ने रोक दिया। उन्होंने यह भी बताया कि देश भर में पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू है, जिसमें गांव स्तर पर पंचायत, प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद शामिल हैं। लेकिन बिहार इकलौता राज्य है, जहां यह व्यवस्था चार स्तरों पर काम कर रही है। इन तीनों के अलावा चौथे स्तर पर ग्राम कचहरी है, जिसमें पंच, सरपंच और उपसरपंच शामिल होते हैं। यानी गांव की चौपाल से लेकर जिले की योजनाओं तक पूरी कड़ी इन्हीं चुने हुए प्रतिनिधियों पर टिकी है। जब यही कड़ी सड़क पर उतर आए, तो सवाल सरकार से बनता है कि आखिर नौबत यहां तक क्यों पहुंची। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम कचहरी की उपेक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है और इसी को लेकर सरकार को अलग से 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है। इसमें ग्राम कचहरी को जरूरी सुविधाएं व संसाधन देने तथा प्रहरी-सह-सफाई कर्मियों और अन्य कर्मियों का भत्ता व मानदेय सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

दूसरी ओर, बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों में इतनी अच्छी एकता है कि सूचना के महज 48 घंटे के भीतर 20 हजार से अधिक प्रतिनिधि पटना पहुंच गए। पुलिस के रोकने के बाद काफी देर तक जद्दोजहद चली। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी ने वार्ता कर ज्ञापन लिया। प्रतिनिधि शाम पांच बजे तक डटे रहे और सरकार की ओर से सकारात्मक पहल के आश्वासन पर आंदोलन फिलहाल स्थगित हुआ।
ज्ञापन में ग्राम सभा की स्वतंत्रता बहाल करने, छठे राज्य वित्त आयोग की राशि जारी करने और सोलहवें वित्त आयोग की राशि के लिए केवल SBI में खाता खोलने का आदेश वापस लेने जैसी मांगें प्रमुख रहीं। उन्होंने दो टूक कहा कि केवल मौखिक आश्वासन से समाधान स्वीकार नहीं होगा और सरकार को सात दिनों के भीतर ठोस निर्णय लेकर कार्रवाई करनी होगी। चेतावनी दी गयी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो करीब ढाई लाख त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का एकजुट कर निर्णायक आंदोलन होगा और जरूरत पड़ी तो मंत्री आवास का फिर घेराव किया जाएगा। बहरहाल अब गेंद सरकार के पाले में है। आगे-आगे देखिए होता है क्या…!




पटना में पंचायत प्रतिनिधियों का हल्ला बोल : मंत्री आवास घेरने निकले तो बिहार पुलिस ने रोका, प्रदर्शनकारियों ने सरकार को 7 दिन का दिया अल्टीमेटम… जल्द आ रहा है Mobile FM : Radio Mukhiyajee… इसे भी पढ़ें 👇👇




