कॉफ्फेड की पहल : मखाना उत्पादकों को राष्ट्रीय योजनाओं से जोड़ने की कवायद

Mukhiyajee Reporter । Patna
बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ (कॉफ्फेड) की ओर से पटना के गांधी मैदान में आयोजित बागवानी महोत्सव में स्टॉल लगाया गया है। इसके स्टॉल पर मखाना उत्पादों की प्रदर्शनी तथा उनसे बने विभिन्न व्यंजनों का प्रदर्शन का लाइव डेमोस्ट्रेशन दिखाया जा रहा है। इसके अलावा मखाना, मत्स्य और सिंघाड़ा समेकित खेती प्रणाली के बारे में भी डेमोस्ट्रेशन की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान आगंतुकों, मछुआरों, उद्यमियों एवं मछुआ समितियों को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी। कॉफ्फेड की ओर से कई योजनाओं पर अनुदान भी दिये जा रहे हैं।

कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप ने स्टॉल पर आने वाले लोगों के साथ ही मीडिया को भी मखाना क्षेत्र के विकास, प्रसंस्करण, विपणन एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक लाभुक बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित योजना का चयन कर पंजीकरण के साथ ही आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आवेदन ऑनलाइन जमा करना होगा। आवेदन की स्थिति पोर्टल पर ट्रैक की जा सकती है। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत मछुआरों के लिए मखाना खेती का क्षेत्र विस्तार (तालाब प्रणाली एवं खेती प्रणाली), नए तालाब का निर्माण तथा समेकित कृषि के साथ मखाना फ्रंटलाइन डेमोस्ट्रेशन जैसी योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं में 40 प्रतिशत तक तथा फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन में 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि मखाना प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए माइक्रो, स्मॉल, मीडियम एवं लार्ज स्तर पर 35 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। मछुआ समितियों के लिए ग्रुप लेवल पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापना, विक्रय केंद्र हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता तथा क्वालिटी सर्टिफिकेट एवं ब्रांडिंग सहायता योजना में 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। कॉफ्फेड द्वारा लाभुकों एवं समितियों को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग दिया जा रहा है। इसके लिए रवि राज को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए हेल्पलाइन नंबर 6204972009 जारी किया गया है। कार्यक्रम में कॉफ्फेड की निदेशक सुश्री सिमरन, निदेशक आदित्य राज, सीएसआर मैनेजर अंकित कुमार, एओसी मैनेजर मो. आरिश हबीब सहित अन्य पदाधिकारी, सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, कृषि एवं मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित थे।