Mukhiyajee Reporter | Patna
बिहार में संगठनात्मक मजबूती को नयी धार देने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान – 2026 का बिगुल फूंक दिया है। राजधानी पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महाअभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। उन्होंने अपने स्पष्ट संदेश में कहा कि संगठन ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है, और प्रशिक्षण उसके विस्तार का सबसे प्रभावी माध्यम। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत राज्य के सभी 52 संगठन जिलों में व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे बूथ स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक कार्यकर्ताओं को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से सशक्त किया जा सके। उन्होंने इसे केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचार और संगठन को जमीनी स्तर तक ले जाने का मिशन बताया।


बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ को भाजपा की वैचारिक आधारशिला बताते हुए कहा कि इस दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने में यह महाभियान अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लें। सरकार और संगठन के बीच समन्वय को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना भी है। हर कार्यकर्ता को योजनाओं का दूत बनना होगा, ताकि लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा का कार्यकर्ता केवल पार्टी का प्रतिनिधि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सक्रिय सहभागी है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और जनसेवा की भावना विकसित की जाएगी, जो संगठन को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएगी।


बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा, प्रशिक्षण मॉड्यूल और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भी सुझाव देते हुए अभियान को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। बहरहाल, सियासी पंडित इस महाभियान को भाजपा के कैडर को और अधिक सक्रिय और संगठित करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।




