Rajesh Thakur | Patna
महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए समाज कल्याण विभाग ने शनिवार को बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन स्थित ऑडिटोरियम में एक विशेष परिचर्चा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में काफी संख्या में महिला विधायक शामिल हुईं। इसमें विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गयी। कार्यक्रम का आगाज दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मंच पर समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति अश्वमेध देवी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि विधायिका और कार्यपालिका के बीच समन्वय से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। वहीं विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने महिला नेतृत्व को सामाजिक परिवर्तन की कुंजी बताते हुए इसे सकारात्मक पहल करार दिया। मुख्य संबोधन में मंत्री मदन सहनी ने कहा कि बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण को विकास की मुख्यधारा में रखते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति की प्रत्येक महिला तक पहुंचे और इसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने स्वागत संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर सुदृढ़ क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति अश्वमेध देवी ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका नीति निर्माण के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण है। यह कार्यक्रम योजनाओं की बेहतर समझ और प्रभावशीलता को सुदृढ़ करेगा। इसके पहले तकनीकी सत्र के दौरान आईसीडीएस, सामाजिक सुरक्षा और समाज कल्याण निदेशालय के निदेशकों सहित विशेषज्ञों ने विभिन्न योजनाओं की रूपरेखा, क्रियान्वयन तंत्र, चुनौतियों और भावी रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान यूनिसेफ और यूएनएफपीए से जुड़ी महिला विशेषज्ञों ने भी अपने सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का समापन खुली परिचर्चा और विचार-विमर्श के साथ हुआ, जिसमें महिला सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।




