Bihar Budget Session 2026 : MLC जीवन कुमार ने विप में उठाया अंतर-जिला ट्रांसफर का मुद्दा, कहा- शुरू हो गयी है विभाग की घेराबंदी

Rajesh Thakur । Patna
गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार ने बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों समेत सभी कोटि के शिक्षकों को जिला के भीतर स्थानांतरण की सुविधा नहीं मिलने का मामला मंगलवार 3 फरवरी को विधान परिषद में उठाया। उन्होंने सदन में निवेदन के माध्यम से कहा कि ट्रांसफर के नाम पर शिक्षकों को महीनों तक इंतजार करवाना न केवल अनुचित है, बल्कि संवेदनशील वर्गों के साथ अन्याय भी है। उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा अंतर-जिला स्थानांतरण तो किया गया है, लेकिन अधिकांश जिलों में कार्यरत महिला और दिव्यांग शिक्षकों सहित हजारों शिक्षक आज भी अपने ही जिले के भीतर स्थानांतरण की सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जिला के अंदर स्थानांतरण प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, खासकर उन शिक्षकों के लिए जिन्होंने पहले ही Grievance Portal पर आवेदन देकर महीनों से उम्मीद लगाए रखी है।

जीवन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि Grievance Portal पर आवेदन लेकर लंबे समय तक बैठाए रखना गलत है। सरकार को चाहिए कि वह मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्राथमिकता के आधार पर जिला के भीतर स्थानांतरण की व्यवस्था तत्काल लागू करे।
सदन में प्रस्तुत निवेदन को सभापति की स्वीकृति के बाद शिक्षा विभाग को अग्रसारित कर दिया गया है। अब इस मुद्दे पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर शिक्षकों की निगाहें टिकी हैं। शिक्षक संगठनों का भी कहना है कि यदि जिला के भीतर स्थानांतरण की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध की जाए, तो न केवल प्रशासनिक दबाव कम होगा, बल्कि शिक्षकों का मनोबल भी बढ़ेगा।

बाद में विधान पार्षद जीवन कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पिछले दो दिनों में आप सभी शिक्षक साथियों, विशेषकर शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक परिवार और स्थानांतरण (Transfer) की प्रतीक्षा कर रही हमारी बहनों के जो हजारों कमेंट्स मुझे मिले हैं, उन्होंने मुझे भावुक भी किया है और मेरी जिम्मेदारी को भी बढ़ा दिया है। गृह जिला (Home District) और ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए मैंने जो ‘निवेदन’ डाला है, उस पर विभाग की घेराबंदी शुरू हो चुकी है। अब सरकार को फाइलों से बाहर निकलकर आदेश जारी करना होगा। वित्तरहित कर्मी शिक्षकों को लेकर उन्होंने कहा कि उनके लिए वेतनमान की मांग को मैंने सदन में पूरी तार्किकता के साथ रखा है। अनुदान की व्यवस्था को जड़ से मिटाकर सम्मानजनक वेतन के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा। मैं सदन में युवाओं का प्रतिनिधि बनकर नहीं, आपका वकील बनकर लड़ता हूं। सदन का सत्र चल रहा है, हर पल आपकी आवाज बुलंद कर रहा हूं। धैर्य रखें, जीत हमारी होगी!