PATNA (MR) : कैबिनेट विस्तार का समय चल रहा है. यूं कहें कि इसका काउंटडाउन चल रहा है. किसी भी समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसकी घोषणा कर सकते हैं. दूसरा, कुछ दिन पहले बीजेपी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने भी पॉलिटिकल चैलेंज दिया था कि तेजस्वी बचा सकें तो अपने विधायकों को बचा लें. खरमास के बाद आरजेडी में भूचाल आएगा. ऐसे में आरजेडी के तीन-तीन विधायक बीजेपी के वरीय नेता व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद से जनता दरबार में मिल लें. ऐसे में चर्चा तो बनती है. आज के ताजा मामले की बयार ने बिहार में पड़ रही भीषण शीतलहरी में सियासी गरमाहट ला दी है.

दरअसल, डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद भी अब जनता दरबार लगाते हैं. वे हर मंगलवार को फरियादियों की समस्याओं को सुनते हैं. लेकिन, आज उनके आवास पर जो कुछ हुआ, वह बिहार के सियासी पंडितों को चौंका दिया. आज डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के जनता दरबार में आरजेडी के एक-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन विधायक एक साथ पहुंच गए. फिर क्या था, लोगों में कानाफूसी भी शुरू हो गई. मिलने वालों में नवादा विधायक विभा देवी, मधेपुरा विधायक प्रो चंद्रशेखर यादव व जगदीशपुर विधायक रामविशुन सिंह शामिल थे. बताया जाता है कि तीनों ने अपनी समस्याओं को रखा और फिर निकल गए. मीडिया के माध्यम से मामला आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव के पास भी पहुंचा तो वे खुद को इससे किनारा भी कर लिया.

डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के जनता दरबार में आरजेडी के एक-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन विधायक एक साथ पहुंच गए. फिर क्या था, लोगों में कानाफूसी शुरू हो गई.

दरअसल, नवादा से राजद विधायक विभा देवी आरजेडी के दबंग नेता व पूर्व विधायक राजवल्लभ यादव की पत्नी हैं. मधेपुरा के आरजेडी विधायक प्रो चंद्रशेखर यादव महागठबंधन के कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं. इस बार दोबारा चुनाव जीते हैं. इलाके में प्रो चंद्रशेखर की भी अपनी खास पहचान है. इसी तरह, जगदीशपुर विधायक रामविशुन सिंह भी आरजेडी के कद्दावर नेता माने जाते हैं. तीनों को एक साथ डिप्टी सीएम से मिलना और वो भी अचानक. इससे सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं.

बाद में मीडिया के सवाल पर डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि अगर कोई विधायक हमारे साथ आना चाहे तो, उसका हम स्वागत करेंगे. लेकिन आज ऐसी कोई बात नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी तरह की राजनीतिक खिचड़ी नहीं पक रही है, राजद के सभी विधायक अपने काम से आए थे. क्षेत्र के विकास की बात करने जनता दरबार में पहुंचे थे. वहीं विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर डिप्टी सीएम के पास पहुंचे थे. विभा देवी ने भी किसी भी अटकल से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि कोई और बात नहीं है. क्षेत्र के विकास को लेकर डिप्टी सीएम के पास पहुंचे थे.

खरमास खत्म हुए दो परखवारे से अधिक का समय बीत गया है. लेकिन, भूपेंद्र यादव की धमकी के साइड इफेक्ट का यह यदि संकेत है तो यह आरजेडी के लिए बेचैन करने वाली खबर है.

दरअसल, अटकलें के मायने इस बात से बढ़ जाता है​ कि इसकी टाइमिंग क्या है. अभी टाइमिंग कैबिनेट विस्तार को लेकर है. डिप्टी सीएम बीजेपी की दिल्ली की बैठक में शामिल हुए थे और देर रात ही वे पटना लौटे हैं. दूसरी ओर, बीजेपी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने राजगीर में बीजेपी की ओर से आयोजित प्रशिक्षण शिविर के दौरान कहा था​​ कि खरमास के बाद आरजेडी का सफाया हो जाएगा. तेजस्वी आरजेडी को बचा सकें तो बचा लें. हालांकि, खरमास को खत्म हुए दो परखवारे से अधिक का समय बीत गया है. लेकिन, उसका साइड इफेक्ट का यह यदि संकेत हैं तो यह आरजेडी के लिए बेचैन करने वाली खबर है.

गौरतलब है कि बसपा के इकलौते विधायक जमा खान जेडीयू में शामिल हो गए हैं, जबकि लोजपा के इकलौते विधायक व इकलौते निर्दलीय विधायक सुमित सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हाल ही मिलकर सियासत को गरमा दिया है. इतना ही नहीं, ओवैसी की पार्टी के सभी पांचों विधायकों ने भी नीतीश कुमार से मुलाकात की है. ऐसे में बीजेपी खुद को कमजोर क्यों मानें. पॉलिटिकल पंडित तो इसी रूप में आरजेडी विधायकों के डिप्टी सीएम के ‘दरबार’ में पहुंचने को देख रहे हैं. बहरहाल, इस मिलन केवल खानापूति निकली अथवा इसके पीछे कोई रहस्य छिपा है, यह तो बाद में पता चलेगा, लेकिन जिस टाइमिंग यह मुलाकात हुई है, चर्चा तो बनती है.

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