सम्राट सरकार में अब तक का सबसे बड़ा पुलिस एनकाउंटर, पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड के मास्टरमाइंड जेपी यादव समेत तीन ढेर

Mukhiyajee Reporter | Patna

धनतेरस पर बिहार में बड़ा पुलिस एनकाउंटर हुआ है। यह सम्राट सरकार में अब तक का सबसे बड़ा एनकाउंटर है। इसमें पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड के मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने ढेर कर दिया। मामला पटना मुख्यालय से सटे मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट का है। शुक्रवार तड़के पटना एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम की अपराधियों से भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू की हत्या के तीन वांछित आरोपी मारे गए। गोलीबारी में मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार भी जख्मी हो गए हैं। पुलिस के अनुसार एक गोली उन्हें छूकर निकल गयी।

पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आरोपियों की पहचान दानापुर के खरंजा निवासी जेपी यादव, मनेर के सुअरमरवा निवासी बबलू कुमार और शाहपुर थाना क्षेत्र के गंगहरा निवासी सूरज कुमार उर्फ राजा शर्मा के रूप में हुई है। दानापुर-2 के एसडीपीओ एके झा के अनुसार, हत्याकांड में जेपी यादव मुख्य साजिशकर्ता था, जबकि बबलू और राजा शर्मा ने शूटर की भूमिका निभायी थी। पुलिस के मुताबिक तीनों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड था और दानापुर, शाहपुर समेत कई थानों में दर्ज मामलों में उनकी तलाश थी। वहीं पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा के अनुसार अपराध नियंत्रण अभियान के दौरान सूचना मिली कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शेरपुर में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। पुलिस टीम के पहुंचते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने 18 राउंड गोलियां चलायीं, जबकि अपराधियों की ओर से 24 से 25 राउंड फायरिंग हुई। फायरिंग थमने के बाद तीनों आरोपी घायल हालत में मिले, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से दो पिस्तौल, एक देसी कट्टा और कई खोखे बरामद किए गए।

बता दें कि पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार की हत्या दुर्गापूजा के दौरान अष्टमी की रात मनेर में गोली मारकर की गयी थी। उस फायरिंग में प्रखंड प्रमुख भी जख्मी हुए थे। मुठभेड़ के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया तो वहां भारी हंगामा हुआ। मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया। इस दौरान एक युवक की पिटाई की गयी। एक एएसपी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और अस्पताल परिसर में 100 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया। उधर
जेपी यादव के भाई का कहना है कि पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में उनके भाई समेत तीनों मृतकों में से किसी का नाम नामजद नहीं था और यह फर्जी मुठभेड़ है। बहरहाल, पुलिस इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी कार्रवाई को जवाबी फायरिंग बता रही है।