पटना में तेज आंधी के बाद झमाझम बारिश, ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान की आशंका; जलजमाव भी

Mukhiyajee Reporter | Ajeet (Patna)

राजधानी पटना सहित आसपास के इलाकों में मंगलवार की देर शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान और झमाझम बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब शाम 6:30 बजे शुरू हुई तेज हवाओं ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गयी। सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों में बिजली आपूर्ति तत्काल काट दी गयी, जिससे अंधेरा छा गया और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गयी थी। फुलवारी शरीफ, दानापुर, खगौल, संपतचक और गौरीचक समेत कई इलाकों में आंधी से झोपड़ियां उड़ गयीं, टीन-कर्कट बिखर गए और कई जगह पेड़ व बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। सड़कों पर पेड़ की डालियां गिरने से आवागमन बाधित हो गया। कई जगहों पर छोटे दुकानदारों के ठेले और अस्थायी दुकानें भी पलट गयीं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। आम की फसलों को भी क्षति पहुंची है।

तेज बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। महज एक घंटे की बारिश में ही सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। नालों का पानी उफनकर सड़कों पर आ गया और कई इलाकों में जलजमाव की गंभीर स्थिति बन गयी। सड़कें तालाब में तब्दील हो गयीं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत हुई। दफ्तर से लौट रहे लोगों को घंटों जाम और पानी भरे रास्तों से जूझना पड़ा। कई वाहन बीच सड़क पर बंद हो गए। आंधी-पानी का सबसे ज्यादा असर गरीब और झोपड़ी में रहने वाले लोगों पर पड़ा। कई परिवारों की झोपड़ियां उजड़ गयीं और घर का सामान भीगकर खराब हो गया। वहीं ग्रामीण इलाकों में किसानों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। तेज हवा और बारिश से खड़ी फसलें गिर गयीं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।

मौसम विज्ञान केंद्र, अनीसाबाद ने पहले ही आंधी, वज्रपात और तेज हवा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इसके बाद कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया गया, जिसमें 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने, मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की चेतावनी दी गयी थी। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें। किसानों को भी खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गयी है। विभाग के अनुसार प्री-मानसून गतिविधियों के चलते अगले 24 घंटे में भी पटना और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी हुई है। तापमान में गिरावट दर्ज होगी और तीन मई तक लू से राहत मिलने के आसार हैं।
तेज आंधी और बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर भारी नुकसान और अव्यवस्था की तस्वीर भी सामने आयी। फिलहाल मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन शहर में हुए नुकसान और जलजमाव ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।