छोटू सिलेंडर पर महंगाई की बड़ी मार, 1 मई से दाम में 261 रुपये का इजाफा; कमर्शियल में भी उछाल

Mukhiyajee Reporter | Patna

महंगाई के मोर्चे पर आम उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों को एक और झटका लगा है। 1 मई 2026 से सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों के साथ-साथ 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) यानी ‘छोटू’ सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस बार छोटे सिलेंडर के दाम में सीधे 261 रुपये की सीधे वृद्धि की गयी है, जिससे इसका उपयोग करने वाले तबकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। इसके साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर में 993 रुपये का इजाफा किया गया है। यह लगातार दूसरा महीना है जब ‘छोटू’ सिलेंडर महंगा हुआ है। इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को इसके दाम में 51 रुपये की बढ़ोतरी की गयी थी। यानी महज एक महीने के भीतर कुल बढ़ोतरी 300 रुपये से ज्यादा हो चुकी है, जो छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और सीमित आय वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गयी है।

बाजार में 5 किलो वाला यह सिलेंडर खास तौर पर चाय-नाश्ते की दुकानों, छोटे ढाबों और अस्थायी कारोबारों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। इसके साथ ही इस सिलेंडर को स्टूडेंट्स भी खूब इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कीमतों में अचानक आयी इस तेज बढ़ोतरी का सीधा असर रोजमर्रा के खर्च और छोटे व्यापार की लागत पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे आम गृहस्थी को फिलहाल सीधी राहत मिली है, लेकिन कमर्शियल और छोटे सिलेंडरों के महंगे होने से बाजार में महंगाई का दबाव बना रह सकता है।

बहरहाल, लगातार दूसरे महीने ‘छोटू’ सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि ऊर्जा क्षेत्र में लागत का दबाव अभी कम नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में इसका असर सिर्फ छोटे कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी अप्रत्यक्ष रूप से महसूस किया जा सकता है। खास बात कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों में भी इजाफा किया गया है। इसमें 993 रुपये की वृद्धि की गयी है। इसका सीधा असर होटलों और ढाबों पर पड़ेगा।