Mukhiyajee | Reporter
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कुल 25 एजेंडों पर मुहर लगी है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि अब माह की हर 10 तारीख को लाभार्थियों के खातों में पहुंच जाएगी। हालांकि, पिछले ही दिनों मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की बैठक में इसे लेकर निर्देश दिये थे। इसी कैबिनेट मीटिंग में खड़गपुर झील और उससे जुड़े मुद्दों पर बड़ा फैसला लिया गया है। इसके तहत मनी नदी एवं सिंधवारणी नदी के संगम स्थल पर गेटेड वीयर का निर्माण एवं इससे निकलने वाली उच्चस्तरीय मुख्य नहर में पुनर्स्थापन कार्य कराया जाना है। इसके लिए 196.8944 करोड़ की स्वीकृति दी गयी।
कैबिनेट के प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि सिंधवारणी जलाशय योजना मुंगेर जिला के खड़गपुर प्रखंड अंतर्गत वर्तमान खड़गपुर झील जलाशय से करीब 1.50 कि०मी० अपस्ट्रीम में मनी नदी एवं सिंधवारणी नदी के संगम स्थल पर अवस्थित है। योजना अंतर्गत मनी नदी एवं सिंधवारणी नदी के संगम स्थल पर गेटेड वीयर का निर्माण एवं इससे निकलने वाली उच्चस्तरीय मुख्य नहर की कुल लम्बाई 9.66 कि०मी० में पुनर्स्थापन कार्य कराया जाना है। इस योजना के क्रियान्वयन से करीब 150 वर्ष पुराने खड़गपुर जलाशय को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही प्रस्तावित उच्चस्तरीय मुख्य नहर से अतिरिक्त 671 हे० क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे मुंगेर जिला के खड़गपुर, टेटियाबम्बर, संग्रामपुर प्रखंडों के कृषक लाभाविन्त होंगे।
इस योजना के लिए विभागीय पत्रांक 1351 दिनांक 03.07.2023 द्वारा 125.8212 करोड़ रुपये के लिए मूल प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी थी। योजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। योजना के क्रियान्वयन के क्रम में वास्तविक स्थलीय स्थिति के अनुरूप गेटेड वीयर, शीर्ष नियामक, एवं अन्य संरचनाओं का सक्षम प्राधिकार से अनुमोदित विस्तृत रूपांकण एवं नक्शा के अनुरूप कार्य कराने, 12.26 हेक्टेयर वन भूमि अपयोजन एवं विद्युत पोल विस्थापन हेतु राशि, डिवाटरिंग मद में राशि का प्रावधान किये जाने के कारण योजना के लागत लागत राशि 125.8212 करोड़ रुपये से बढ़कर 196.8944 करोड़ रुपये हो गयी है। योजना के अवशेष कार्यों को माह दिसंबर, 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।





