Ramadan 2026 : अलविदा माह-ए-रमजान, नम आंखों से अता हुई नमाज; मनी छोटी ईद

Mukhiyajee Reporter | Patna
रहमतों और बरकतों से भरे माह-ए-रमजान के आखिरी जुमा यानी अलविदा के मौके पर फुलवारी शरीफ सहित पटना और आसपास के इलाकों में अकीदत का नजारा देखने को मिला। रोजेदारों ने नम आंखों से मस्जिदों में नमाज-ए-अलविदा अता की और अल्लाह की बारगाह में सजदा कर अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। अलविदा जुमा को छोटी ईद के रूप में भी जाना जाता है, जिसके साथ ही ईद-उल-फितर के आने की खुशी लोगों में साफ नजर आने लगी है। मस्जिदों में भारी भीड़ के कारण कई जगहों पर लोगों ने छतों और सड़कों पर भी नमाज अता की। इस दौरान बुजुर्गों के साथ नौजवान और छोटे बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

नमाज के बाद खुतबे में उलेमा ने कहा कि रमजान का यह मुकद्दस महीना हमें इंसानियत, मोहब्बत और रहमदिली का पैगाम देता है, जिसे अपनी जिंदगी में अपनाना जरूरी है। उन्होंने आखिरी अशरे में ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की अपील की। दोपहर बाद शहर के कई इलाकों में अलविदा का काफिला निकला, जहां अलविदा माह-ए-रमजान की सदा गूंजती रही। वहीं, नमाज के दौरान प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी और पुलिस बल मुस्तैदी के साथ गश्त करता रहा। उधर इमारत ए शरिया बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अमीर-ए-शरीअत हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने ईद-उल-फितर के मौके पर देश और दुनिया के लोगों को मुबारकबाद दी। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह रमजान की इबादतों को कबूल करे और पूरी इंसानियत को अमन-चैन व खुशहाली नसीब हो। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि ईद सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि रमजान में सीखी गई सब्र, इंसानियत, भाईचारा और नेक कामों को आगे भी जारी रखने का दिन है। समाज में न्याय, बराबरी और आपसी सद्भाव बनाए रखना हर इंसान की जिम्मेदारी है। ईद का यह पर्व सभी के लिए खुशियां, भाईचारा और सुकून लेकर आए।

इधर, माह-ए-रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमा के मौके पर पटना समेत पूरे बिहार में अकीदत और इबादत का खास नजारा देखने को मिला। रोजेदारों ने मस्जिदों में पहुंचकर अलविदा जुमा की नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। बता दें कि इससे पहले भी अलविदा जुमा अदा किया गया था, लेकिन चांद नहीं देखे जाने के कारण एक बार फिर अलविदा जुमा की नमाज अदा की गयी। इसको लेकर मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके अलावा फुलवारी शरीफ के प्रसिद्ध खानकाह ए मुजीबिया, काजी नगर कॉलोनी, अहमद कॉलोनी, मिन्हाज नगर, शाही संगी मस्जिद, मिल्लत कॉलोनी, बौली, महतवाना, नोहसा मस्जिद, लाल मियां की दरगाह, मिलकियाना, ईसापुर, खलीलपुरा, सबजपुरा, नया टोला, कर्बला, गुलिस्तान मोहल्ला, परसा बाजार, अब्दुल्लाह चक, जानीपुर, अकबरपुर, बेउर, भूसौला दानापुर समेत आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों की मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अलविदा जुमा के मौके पर मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए गए थे। भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। उलेमा-ए-कराम ने अपने खुत्बों में रमजान की फजीलत, आपसी भाईचारा और इंसानियत का पैगाम दिया।