Mukhiyajee Reporter | Patna
बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले राज्य की सियासत गरमा गयी है। बुधवार की देर शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने लोक सेवक आवास पर एनडीए के घटक दलों की बैठक बुलायी। इसमें भाजपा, जदयू, हम, रालोमो और लोजपा (रामविलास) के मंत्री और कई शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में जाने से पहले किसी नेता ने मीडिया से बात नहीं की। वहीं, बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र यादव सहित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, मंत्री दीपक प्रकाश, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और भाजपा के संगठन प्रभारी भीखू भाई दलसानिया पहुंचे। हम कोटे से मंत्री डॉ. संतोष सुमन तथा लोजपा (रामविलास) कोटे से मंत्री संजय सिंह और संजय पासवान भी मौजूद रहे।

चुनाव से पहले एनडीए के भीतर असंतोष और भीतरघात की खबरें हैं। अनंत सिंह ने जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ बगावत कर जनसुराज उम्मीदवार अनुज सिंह का साथ देने का रुख अपनाया है। इसी तरह उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन नेताओं ने एनडीए के गैर-आधिकारिक निर्दलीय उम्मीदवार रामपुकार सिन्हा को समर्थन देने की घोषणा की है। इनमें मधुबनी विधायक माधव आनंद, रालोमो प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह और बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो शामिल हैं। इससे एनडीए के दो एमएलसी उम्मीदवार मुश्किल में बताए जा रहे हैं।

शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के चुनाव को गठबंधन के लिए साख की लड़ाई माना जा रहा है, जबकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने भी उम्मीदवार उतारकर चुनौती बढ़ा दी है। बहरहाल, बैठक के बाद संजय सरावगी और अन्य नेताओं ने कहा कि जिस दल के विधायक या नेता बागी हुए हैं, उन्हें संभालने की जिम्मेदारी उसी दल की होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर को शाम 4 बजे एनडीए के विधानमंडल दल की एक और बड़ी बैठक होगी। मालूम हो कि विधान परिषद की 8 सीटों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं और इसका मतदान 23 अक्टूबर को होगा।







