PATNA (MR) : बिहार पंचायत चुनाव 2021 (Bihar Panchayat Chunav 2021) कराने की सिफारिश राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अगस्त को की थी। इससे संबधित पत्र आयोग ने पंचायती राज विभाग को भेजा गया था। पत्र के अनुसार 10 चरणों में चुनाव कराने की अनुशंसा की गयी थी। वोटिंग की संभावित डेट भी दी गयी थी। लेकिन यह पत्र मीडिया में लीक हो गया। इससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों की मानें तो राज्य निर्वाचन आयोग से पंचायती राज विभाग को भेजा गया पत्र लीक होने के मामले में पंचायती राज विभाग ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस पर विभागीय पदाधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। जांच की जा रही है कि आखिर निर्वाचन आयोग का पत्र किस स्तर से लीक हुआ है। सूत्रों की मानें तो सरकार से मंजूरी मिलने के पहले ही सार्वजनिक हुए इस प्रस्ताव वाले पत्र से चुनावी तारीखों के ऐलान में परेशानी बढ़ गई है। राज्य निर्वाचन आयोग को अब नयी डेट के साथ नया प्रस्ताव तैयार करना होगा।

दरअसल, राज्य राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अगस्त को चुनाव से संबधित प्रस्ताव तैयार कर पंचायती राज विभाग को भेजा था। इस प्रस्ताव में 10 चरणों में चुनाव कराने की बात कही गई थी। इसमें 20 सितंबर से 25 नबंबर के बीच चुनाव संपन्न कराए जाने की बात है। इस प्रस्ताव को बिहार कैबिनेट के सामने रखा जाना था, लेकिन इससे पहले ही वह लीक हो गया। खास बात कि चुनाव का पूरा कार्यक्रम दुर्गापूजा, दीवाली और छठ पर्व को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। नयी डेट तय करने में अब काफी परेशानी होगी।

सूत्रों के अनुसार, कंफिडेंशियल लेटर के लीक होने के बाद पंचायती राज विभाग सकते में है. अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से इसकी जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर यह किस स्तर से लीक हुआ है? इस मामले में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। बहरहाल, वोटिंग डेट बदलेगी या नहीं, इस पर अधिकृत रूप से कोई बोलना नहीं चाह रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि चुनाव जब भी हों, 10 चरण में ही होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here