1 नवंबर की रैली से कारोबार को नुकसान का भ्रम फैलाने वालों से राहुल कुमार ने दागे छह सवाल, बोले- रैली से बाजार को मिलेगा फायदा

Mukhiyajee Reporter | Patna

बिहार कांग्रेस मीडिया विभाग के जोनल कोर्डिनेटर राहुल कुमार ने 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर कारोबारियों के बीच फैलायी जा रही आशंकाओं पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने दिल्ली में प्रस्तावित रैली में शामिल होने के लिए जाने से पहले पटना में मुखियाजी डॉट कॉम को बताया कि भाजपा नेतृत्व, सरकार समर्थित व्यापारिक संगठनों और मीडिया के कुछ साथियों को लगता है कि रैली से दिल्ली के कारोबार को नुकसान होगा, जबकि तथ्य इसके उलट हैं। विनम्रतापूर्वक अपनी बात रखते हुए उन्होंने छह बिंदुओं में तर्क दिए। उन्होंने कहा कि रैली रविवार को हो रही है और रविवार को पुरानी दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख थोक बाजार वैसे भी बंद रहते हैं। ऐसे में कारोबार प्रभावित होने की आशंका को लेकर अनावश्यक भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है, यह समझ से परे है।

राहुल कुमार ने कहा कि रैली में देश के अलग-अलग हिस्सों से 8 से 10 लाख लोगों के जुटने का अनुमान है। ये लोग ट्रेन, फ्लाइट, मेट्रो, बस, ऑटो और निजी वाहनों का इस्तेमाल करेंगे, जिससे परिवहन क्षेत्र के कारोबार को बड़ा लाभ मिल सकता है। लाखों लोगों की भोजन की जरूरतें पूरी होंगी, तो ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट, छोटे भोजनालयों और ठेले-खोमचे वालों तक कारोबार पहुंचेगा। हजारों लोग एक-दो दिन पहले ही दिल्ली पहुंच जाएंगे और स्थानीय होटलों व अन्य आवासीय सुविधाओं का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने दावा किया कि परिवहन, भोजन, होटल और छोटे-बड़े स्थानीय कारोबारों के अलग-अलग क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे कई सौ करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ हो सकता है। उन्होंने कहा कि जनसमूह केवल भीड़ नहीं होता, वह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए मांग और कारोबार के अवसर भी लेकर आता है।

राहुल कुमार ने भ्रम और डर के माहौल पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इसके बावजूद रैली को लेकर कारोबारियों के बीच डर बनाया जा रहा है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि इसके पीछे वास्तविक चिंता है या राजनीतिक विरोध। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कार्यकर्ता ऐसी आशंकाओं और दावों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कारोबारियों और आम लोगों से अपील की कि वे तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएं, न कि किसी राजनीतिक प्रचार के आधार पर। 1 नवंबर की रैली को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की आवाज बुलंद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जनता की मांग स्पष्ट है कि जवाबदेही तय हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। उन्होंने नारा देते हुए कहा कि ज्ञानेश को हटना ही होगा और नरेंद्र मोदी व अमित शाह को जाना ही होगा। गौरतलब है कि INDIA गठबंधन की यह रैली 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए अनुमति दे दी है। कांग्रेस ने रैली को लेकर अपने सांसदों को भी 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दिल्ली में रहने को कहा है। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने त्योहारी सीजन में रैली को लेकर कारोबार के नुकसान का मुद्दा उठाया है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।