Mukhiyajee Reporter | Patna
मधुबनी में पुलिस फायरिंग में हुई घटना ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। ऐसी घटना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। दोषी पुलिस अधिकारी को तत्काल सस्पेंड किया जाना चाहिए और आम मुजरिम की तरह उस पर भी हत्या की धारा लगनी चाहिए। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। वहीं इस घटना के बाद जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा अपनी कर्तव्यनिष्ठा से ग्रामीणों के बीच संवेदना व्यक्त करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन देने गए थे। उनके साथ हुआ व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामीणों के द्वारा जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा के साथ जो अशोभनीय व्यवहार हुआ, वो भी बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन से सवाल करना, विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन हिंसा किसी भी रूप में सही नहीं है।

दरअसल, मधुबनी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बलिराजगढ़ गांव में ड्यूटी पर तैनात एक ASI चंद्रमोहन ने फायरिंग कर दी। इस घटना में एक सख्श की मौत हो गयी, बल्कि कई ग्रामीण घायल हैं। इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के बाद फरार आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही आज ही उसे सेवा से बर्खास्त करने की भी बात कही जा रही है। एसएसपी योगेंद्र कुमार के अनुसार, आरोपी एएसआई की गिरफ्तारी के लिए पांच सदस्यों वाली विशेष टीम का गठन किया गया है। चंद्रमोहन सिंह के बारे में सूचना देने वाले को मधुबनी पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

बहरहाल, आईएएस आनंद शर्मा जैसे अधिकारी जिन्होंने अपने ईमानदार कार्य से मधुबनी को राज्य स्तर पर एक अलग पहचान दिलायी, उन पर इस तरह का हमला मधुबनी के लिए भी शर्मनाक है। इस तरह की दोनों ही घटनाओं की कड़ी निंदा होनी चाहिए। मधुबनी में शांति बहाल हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले, यह बहुत ही जरूरी है। दूसरी ओर, एसएसपी का यह भी कहना है बाबूबरही थाना में एएसआई चंद्रमोहन सिंह पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर स्पीडी ट्रायल चलाकर फांसी दिलाने की कोशिश की जाएगी। किसी तरह के अपवाह पर ध्यान नहीं देने की भी अपील एसएसपी ने की है। (इनपुट : कमलाकांत पांडेय, वरीय पत्रकार, पटना)






