Mukhiyajee Reporter | Patna
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) सय्यद अता हसनैन उस समय भावुक हो गये, जब 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रख्यात फिल्म अभिनेता मनोज कुमार की फिल्म शहीद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मनोज कुमार पूरे देश में ‘भारत कुमार’ के नाम से लोकप्रिय हो गये थे। राज्यपाल ने वर्ष 1963 और 1964 की देशभक्ति फिल्मों में ‘शहीद’ के अलावा ‘हकीकत’ का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से ऐसी फिल्में देखने और नयी पीढ़ी को देशभक्ति की कहानियों से अवगत कराने की प्रेरणा दी। उन्होंने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर आस-पड़ोस की सफाई जैसे सामाजिक कार्य कर अपना राष्ट्रधर्म निभाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में चले स्वच्छता अभियान का विशेष रूप से जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘टीबी मुक्त बिहार’ से जुड़ने का आह्वान किया।


पुरस्कृत प्रतिभागियों के साथ अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित अन्य। 
राज्यपाल ने खासतौर पर गलवान घाटी में बिहार के जवानों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया और कहा कि बिहार के शहीदों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उस बिहार रेजिमेंट में यहां के विभिन्न जिलों के लोग शामिल थे, जिन्होंने देश की रक्षा में बलिदान हो गये। उन्होंने अपने कार्यकाल के संस्मरणों को साझा करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन, स्वतंत्रता के बाद के कालखंड और वर्तमान समय में राष्ट्रसेवा में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका व बलिदानियों को भी याद किया। उन्होंने सेना के ड्रम और ब्रास बैंड के संगीत का जिक्र करते हुए कहा कि यह रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव होता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारी सेना द्वारा ऊंचे शिखरों और नियंत्रण रेखा पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रभक्ति को उजागर करने की अद्भुत परंपरा है। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर तिरंगा शान से लहराता है तो दुश्मनों की रूह कांप उठती है, हमारे तिरंगे जैसा कोई दूसरा झंडा नहीं है। उन्होंने बिहार विधानसभा में इस अनूठे आयोजन के लिए अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार की भूरी-भूरी प्रशंसा की ।
अपने स्वागत संबोधन में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और भावनाओं से भरा हुआ है। स्वतंत्रता दिवस के इस गौरवपूर्ण अवसर पर पहली बार सभा सचिवालय की महिला पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच देशभक्ति गीत गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। बिहार विधान सभा सचिवालय की यह पहल हमारी महिला शक्ति की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को मंच प्रदान करने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने आह्वान किया कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी संकल्प लें कि हम अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे, संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को मजबूत करेंगे तथा एक सशक्त, समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी ओजपूर्ण प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इसके साथ ही, ‘जस्ट डांस ग्रुप गयाजी’ की विशेष नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बहरहाल, एक ही परिधान, एक ही रंग, एक ही सुर और एक ही जज्बा के साथ ग्रेड वन से लेकर फोर्थ ग्रेड तक की महिला कर्मी जब तिरंगे के रंग में सजी एक साथ खड़ी हुईं तो विधानसभा के प्रशाल में सिर्फ गीत नहीं गूंज रहे थे, बल्कि देशभक्ति की एक ऐसी तस्वीर बन रही थी, जिसे देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाए। आजादी के बाद पहली बार बिहार विधानसभा की महिलाकर्मियों की ओर से आयोजित देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। तीन ग्रुप में बंटी महिला कर्मियों ने देशभक्ति गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। हर समूह में 21 महिला कर्मी शामिल थीं। गीतों के सुर जैसे-जैसे आगे बढ़े, सभागार का माहौल भी बदलता गया। कहीं आंखें नम हुईं, कहीं चेहरे पर भावुकता दिखाई दी और कहीं देशभक्ति का जज्बा इतना उमड़ा कि पूरा सभागार ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से गूंज उठा। देशभक्ति समूह गान प्रतियोगिता के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें क्रमशः ग्रुप- बी प्रथम (गोल्ड मेडल), ग्रुप- ए द्वितीय (सिल्वर मेडल) और ग्रुप- सी (ब्रांज मेडल) के विजेताओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान 16 प्रतिभागियों में से शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए चार प्रतिभागियों को लॉटरी निकालकर नवाजा गया। वहीं इस आयोजन से जुड़े अन्य सहभागियों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें अंगवस्त्र, नवपौध एवं स्मृति चिह्न प्रदान किये गये। आयोजन के दौरान बिहार विधानसभा की सचिव पूनम सिन्हा, सूचना जनसंपर्क के निदेशक संजय सिंह, उपनिदेशक प्रभात कुमार सहित सभा सचिवालय के तमाम पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इस पूरे सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजन में संदीप जी का अहम रोल रहा।




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